जन मन काव्य यात्रा का दूसरा पड़ाव 24 को,
बीकानेर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। शहर की पारंपरिक मंचीय काव्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘जन मन काव्य यात्रा’ का दूसरा पड़ाव शनिवार, 24 अक्टूबर को कीकाणी व्यासों के चौक में आयोजित होगा।
रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स एवं प्रसार के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन राजस्थानी के मूर्धन्य साहित्यकार स्वर्गीय मुरलीधर व्यास राजस्थानी को समर्पित रहेगा। रात 7.30 बजे शुरू होने वाली इस काव्य संध्या में पाटा मंच बनेगा और शहर के नौ मौजीज कवि राजस्थानी, हिंदी और उर्दू में गीत, कविताएं और ग़ज़लें प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन के पोस्टर का विमोचन मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के राजस्थानी भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश सालवी, वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र जोशी और डॉ. नमामी शंकर आचार्य ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बीकानेर की समृद्ध साहित्यिक विरासत और पाटा संस्कृति की सराहना करते हुए ऐसी आयोजनों को साहित्यिक परंपरा के संरक्षण और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. सुरेश सालवी ने कहा कि बीकानेर की संस्कृति और साहित्यिक परंपरा अलहदा है। इस परंपरा ने बीकानेर को विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि यहां की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक गतिविधियां शहर की पहचान को और मजबूत करती हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र जोशी ने कहा कि बीकानेर की पाटा परंपरा साहित्य और समाज के बीच आत्मीय संवाद का माध्यम रही है। ऐसे आयोजन इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने के साथ साहित्यकारों को आमजन से सीधे जुड़ने का अवसर देते हैं।
डॉ. नमामी शंकर आचार्य ने कहा कि मंचीय काव्य परंपरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। जन मन काव्य यात्रा जैसे आयोजन साहित्यिक अभिव्यक्ति को नया मंच देने के साथ स्थानीय साहित्यकारों और उनकी रचनाओं को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होंगे।
प्रसार के अध्यक्ष एवं आयोजन प्रभारी डॉ. हरि शंकर आचार्य ने बताया कि जन मन काव्य यात्रा की शुरुआत गत माह हुई थी। यह यात्रा वर्षभर चलेगी और शहर के अलग-अलग चौक में आयोजित होगी। प्रत्येक पड़ाव उस क्षेत्र के दिवंगत कवि को समर्पित रहेगा, जबकि अध्यक्षता उसी क्षेत्र के किसी प्रबुद्ध व्यक्ति द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य बीकानेर की पारंपरिक मंचीय काव्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना और साहित्य को आमजन तक पहुंचाना है।
युवा साहित्यकार योगेश व्यास राजस्थानी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा सृजन धर्मियों को मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि यह मंचीय काव्य परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण साबित होगी।
काव्य संध्या में मनीषा आर्य सोनी, इरशाद अज़ीज़, मोनिका गौड़, डॉ. हरि शंकर आचार्य, विप्लव व्यास, संजय आचार्य वरुण, आनंद मस्ताना, रिद्धिका व्यास और बाबूलाल छंगाणी अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुक्ति संस्थान की ओर से डॉ. सुरेश सालवी का अभिनंदन किया गया। कथाकार राजेंद्र जोशी ने उन्हें दुपट्टा और माला पहनाकर सम्मानित किया तथा पुस्तकें भेंट कीं। आयोजन से जुड़े साहित्यकारों ने इसे बीकानेर की साहित्यिक परंपरा और रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

