नरेश मीणा की तलाश में सुबह साढे पांच बजे घर पहुंची पुलिस
बारां, 03 नवंबर (हि.स.)। वनकर्मियों से मारपीट के मामले में भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा की तलाश में बारां पुलिस ने मंगलवार सुबह उनके नया गांव स्थित घर पर दबिश दी। सुबह करीब साढ़े पांच बजे अटरू सीओ सहित कई थानों की पुलिस बड़ी संख्या में उनके घर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नरेश मीणा के पिता कल्याण सिंह मीणा और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई।
परिजनों ने अचानक भारी पुलिस बल के घर पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए इसे परिवार के लिए दहशत पैदा करने वाली कार्रवाई बताया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नरेश मीणा के सोशल मीडिया पर किए गए दो संदेश चर्चा में हैं। सोमवार रात जारी वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वे अपने गांव में ही मौजूद हैं और पुलिस चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। वहीं, मंगलवार सुबह की गई पोस्ट में उन्होंने 6 नवंबर को गिरफ्तारी देने की बात कही। वनकर्मियों से मारपीट के मामले में पुलिस ने सोमवार को नरेश मीणा के कुछ समर्थकों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद नाहरगढ़ थाने के बाहर समर्थकों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इसी घटनाक्रम के बाद नरेश मीणा ने सोमवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बारां पुलिस अधीक्षक को संबोधित किया।
वीडियो में उन्होंने कहा कि वे नया गांव में ही हैं और कहीं भागे नहीं हैं। पुलिस को गिरफ्तार करना है तो गांव आ सकती है। उन्होंने पुलिस से मानवता बरतने की अपील भी की। इसके बाद मंगलवार सुबह पुलिस उनके घर पहुंची, लेकिन तलाशी के दौरान वे वहां नहीं मिले।
घर पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान नरेश मीणा के पिता कल्याण सिंह मीणा अधिकारियों पर नाराज होते नजर आए। परिजनों का कहना था कि घर में बुजुर्गों और महिलाओं की मौजूदगी के बीच अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस पहुंचने से परिवार में भय का माहौल बन गया है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून की भी अपनी गरिमा होती है।
इस पर पुलिस अधिकारियों ने जवाब दिया कि अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ती है।
अधिकारियों ने नरेश मीणा को सामने आने के लिए कहा। परिजनों की ओर से बताया गया कि वे खुद गिरफ्तारी देने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना था कि वे अभी तक सामने नहीं आए हैं।
नरेश मीणा ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट साझा की, जिसमें 6 नवंबर को गिरफ्तारी देने की बात कही गई। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में आगे की कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल वनकर्मियों से मारपीट के मामले में उनकी तलाश जारी है।
सोमवार रात जारी वीडियो में नरेश मीणा ने पंचायत चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने समर्थकों से हाथी चुनाव चिह्न पर मतदान करने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि उनकी गिरफ्तारी होती है तो उनके बेटे अनिरुद्ध के अलावा कमल राठौड़, स्नेहा धाकड़ और जैन जी चुनाव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पिछले करीब एक महीने में नरेश मीणा के खिलाफ तीन मामले दर्ज हुए हैं। इनमें एक नवंबर को नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में वनकर्मियों के साथ कथित मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने और जब्त सामान जबरन ले जाने से संबंधित मामला शामिल है।
इससे पहले छबड़ा में खाद की मांग को लेकर किसानों के साथ उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देने के मामले में भी उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। इसके अतिरिक्त जयपुर कूच के दौरान शिवदासपुरा टोल पर जाम लगाने के मामले में भी उन पर केस दर्ज हुआ था।
नरेश मीणा वर्ष 2024 में देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान उपखंड अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के बाद व्यापक चर्चा में आए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

