आपदा प्रबंधन की बारीकियां सीख रहे भावी अफसर: एसडीआरएफ ने दिया लाइव रेस्क्यू प्रशिक्षण
जयपुर, 25 मई (हि.स.)। राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त सीधी भर्ती-2024 के तहत नव नियुक्त प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा प्रबंधन में दक्ष बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम, लाइव डेमो और अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी प्रशासनिक अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने और प्रभावी राहत कार्यों के लिए तैयार करना रहा।
एसडीआरएफ राजस्थान के कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ-साथ विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की तकनीकों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरएसी एवं एसडीआरएफ रूपिंदर सिंघ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक सेवाओं में आपदा प्रबंधन की भूमिका, समयबद्ध राहत कार्यों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके बाद एसडीआरएफ कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने एसडीआरएफ राजस्थान की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक संरचना और राज्य में किए गए जटिल रेस्क्यू ऑपरेशनों की जानकारी प्रस्तुत की।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने संस्थान परिसर में ‘रोप रेस्क्यू’ का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। जवानों ने अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए ऊंची इमारतों, गहरी खाइयों और कठिन परिस्थितियों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से प्रशिक्षु अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में दैनिक जीवन में होने वाली आपातकालीन घटनाओं से निपटने के उपाय भी बताए गए। प्रशिक्षुओं को हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर देने, गैस सिलेंडर में आग लगने पर प्राथमिक नियंत्रण करने, बाढ़ जैसी आपदाओं में बचाव कार्य और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को प्राथमिक उपचार देने की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले आम नागरिकों की सतर्कता और प्राथमिक सहायता कई लोगों की जान बचा सकती है।
सत्र के अंतिम चरण में प्रशिक्षु अधिकारियों को एसडीआरएफ के अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी दिखाई गई। तकनीकी विशेषज्ञों ने उपकरणों की कार्यप्रणाली और विभिन्न आपदाओं में उनके उपयोग की जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों को एसडीआरएफ कंट्रोल रूम, बोरवेल हेल्पलाइन और अन्य आपातकालीन संपर्क सूत्रों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

