ग्रांट समय पर जारी करने और स्कूलों की सुविधाएं सुधारने की मांग

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ग्रांट समय पर जारी करने और स्कूलों की सुविधाएं सुधारने की मांग


जयपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक रश्मि शर्मा से मुलाकात कर विद्यालयों को विभिन्न मदों की ग्रांट समय पर जारी करने, स्वच्छता बजट बढ़ाने और शिक्षा-संकुल भवन की व्यवस्थाएं सुधारने सहित कई मांगें रखीं।

प्रदेशाध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में हुई वार्ता में स्कूल ग्रांट, पुस्तकालय ग्रांट, डिजिटल शिक्षा और अन्य मदों की राशि समय पर जारी करने की मांग की गई। पुष्करणा ने कहा कि ग्रांट में देरी से विद्यालयों की शैक्षिक एवं सहशैक्षिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।

अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिन्दल ने कंपोजिट स्कूल ग्रांट समय पर जारी नहीं होने और स्वच्छता मद में कम राशि मिलने से होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। उन्होंने स्वच्छता बजट में वृद्धि का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा-संकुल भवन की दीवारों में उग आए पीपल और बरगद के पेड़ों को हटाने, क्षतिग्रस्त टाइल्स को दोबारा लगाने तथा अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी रखी। शिक्षा-संकुल की बंद स्टाफ कैंटीन को फिर शुरू करने के लिए सरस डेयरी के साथ समझौता करने का सुझाव दिया गया, जिस पर राज्य परियोजना निदेशक ने सहमति जताई।

पुष्करणा ने समग्र शिक्षा अभियान की गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने, वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए महीने में दो दिन निर्धारित करने तथा शाला दर्पण पर उपलब्ध सूचनाओं की हार्ड कॉपी बार-बार मांगने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा आईसीटी के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण की पुरानी कंप्यूटर लैब को निस्तारित करने तथा मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना के निर्माण कार्य विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से कराने की मांग भी रखी गई।

राज्य परियोजना निदेशक रश्मि शर्मा ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि करीब 300 पीएमश्री विद्यालय भवनों के लिए प्रति विद्यालय डेढ़ लाख रुपये तथा सौंदर्यीकरण के लिए प्रति विद्यालय एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने संगठन के प्रतिनिधियों से प्रधानाचार्यों को प्रबंध पोर्टल पर व्यय राशि का तत्काल इंद्राज कराने में सहयोग देने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल में जिला कोषाध्यक्ष ग्यारसीलाल यादव, मीडिया प्रकोष्ठ के सहसंयोजक जितेंद्र शर्मा, विमर्श कार्यशाला के सदस्य योगेश उपाध्याय और हुकुम चंद मीणा भी शामिल थे। वार्ता के अंत में संगठन का साहित्य राज्य परियोजना निदेशक को भेंट किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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