सप्त शक्ति कमान द्वारा ‘मल्टीलेटरलिज्म इन क्राइसिस’ विषय पर सेमिनार का आयोजन

WhatsApp Channel Join Now
सप्त शक्ति कमान द्वारा ‘मल्टीलेटरलिज्म इन क्राइसिस’ विषय पर सेमिनार का आयोजन


जयपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में ज्ञान शक्ति थिंक टैंक (जीएसटीटी) ने शनिवार को जयपुर मिलिट्री स्टेशन में ‘मल्टीलेटरलिज्म इन क्राइसिस’ विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारी तथा जयपुर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिष्ठित पैनल में एम्बेसडर टी.एस. तिरुमूर्ति, एम्बेसडर सुचित्रा दुरई, एम्बेसडर आर. स्वामीनाथन और एम्बेसडर सतीश मेहता शामिल थे, जिन्होंने विषय पर अपने विचार साझा किए।

जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) ले कर्नल निखिल धवन के अनुसार वक्ताओं ने अपने विशिष्ट राजनयिक दायित्वों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र की अनेक संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर निकटता से कार्य किया है। इसी व्यापक अनुभव, ज्ञान-संपदा और गहन समझ के आधार पर उन्होंने विभिन्न गठबंधनों और संस्थाओं तथा उभरती चुनौतियों का सामना करने में उनकी क्षमता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। पैनल के वक्ताओं ने मल्टीलेटरलिज्म के अनेक आयामों को रेखांकित किया, जिनमें वैश्विक कूटनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार, भू-रणनीतिक आकांक्षाएँ तथा उनका राष्ट्रीय हितों और आंतरिक गतिशीलताओं से संबंध शामिल था। प्रश्न–उत्तर सत्र में बदलते हुए भू-राजनीतिक परिदृश्य और उसमें भारत की स्थिति से जुड़े विचारोत्तेजक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें उपलब्ध विकल्पों तथा उन मार्गों पर विचार किया गया, जिनके माध्यम से राष्ट्र अपने दीर्घकालिक उद्देश्यों को ऐसे वातावरण में प्राप्त कर सकता है, जहाँ संस्थाएँ और गठबंधन तेज़ी से उभरते और विलुप्त होते रहते हैं।चर्चा में मल्टीलेटरलिज्म से संबंधित उन अंतर्दृष्टिपूर्ण विचारों को भी स्थान दिया गया, जिनका प्रभाव शक्ति और वैधता के संतुलन पर पड़ता है।

नवंबर 2024 में अपने उद्घाटन सेमिनार से लेकर अब तक, ज्ञान शक्ति थिंक टैंक ने महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक घटनाओं और सुरक्षा निहितार्थों सहित विविध और महत्वपूर्ण विषयों पर आठ सेमिनार आयोजित किए हैं। इस मंच का उद्देश्य रणनीतिक और रक्षा संबंधी मुद्दों पर बौद्धिक गतिविधियों को विकसित और बढ़ावा देना है। यह मंच अनुभवी विद्वानों की सक्रिय भागीदारी के साथ बौद्धिक चर्चाओं का एक संगम है और कुछ अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए गुणवत्तापूर्ण वक्ताओं को आकर्षित करता है।

सप्त शक्ति कमान के मेजर जनरल गौतम चड्ढा ने समापन भाषण दिया और उनके स्पष्ट विचारों के लिए विद्वान वक्ताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने सेमिनार में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आए छात्रों सहित श्रोताओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने उभरती वैश्विक समस्याओं के समाधान में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए उनमें सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रयास का उद्देश्य सभी हितधारकों में रणनीतिक सोच और जागरूकता की संस्कृति को बढ़ावा देना है, जो विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

Share this story