ग्रामीण सेवा शिविर: भूमिहीन सफाईकर्मी परिवार को मिला निःशुल्क आवासीय भूखंड
डूंगरपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। जिले के गेंजी गाँव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान मानवता, सामाजिक समरसता और सामूहिक सहयोग का एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। गाँव में पंचायत के पास आवासीय भूमि उपलब्ध न होने और पट्टा जारी करने की तकनीकी विवशता के बीच, समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर एक अत्यंत निर्धन, भूमिहीन सफाईकर्मी परिवार के आशियाने का सपना सच कर दिखाया। मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत इस अनुकरणीय पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिविर के दौरान जब इस भूमिहीन सफाईकर्मी परिवार के आवास की समस्या सामने आई, तो पंचायत स्तर पर सरकारी भूमि की अनुपलब्धता के कारण पट्टा जारी करना संभव नहीं था। इस विकट स्थिति में शिविर प्रभारी व पूर्व बीडीओ मोहन यादव की प्रेरणा तथा तहसीलदार प्रवीण मीणा के मार्गदर्शन में समाधान का रास्ता निकाला गया। गाँव के ही संवेदनशील नागरिक राजेंद्र गौतम लखारा ने अनुकरणीय मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सूरजमल साद से खरीदी गई अपनी भूमि में से एक आवासीय भूखंड उक्त पीड़ित परिवार को निःशुल्क दान करने की घोषणा कर दी। भूखंड दान मिलने के बाद जमीन की कानूनी औपचारिकता पूरी करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने तुरंत हाथ आगे बढ़ाए।
तहसीलदार प्रवीण मीणा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही रजिस्ट्री व्यय के लिए अपनी ओर से 2,100 रुपये की आर्थिक सहयोग राशि देने की घोषणा की। तहसीलदार की इस पहल से प्रेरित होकर शिविर में उपस्थित ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी एक स्वर में शेष रजिस्ट्री खर्च आपसी सहयोग से वहन करने का संकल्प लिया, ताकि पीड़ित परिवार पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े और भूमि उनके नाम विधिवत हस्तांतरित हो सके। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण के साक्षी बनने के लिए शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने इस त्वरित राहत कार्य को सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी भाईचारे और अंत्योदय की भावना को और मजबूत करते हैं
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

