दुबई में फंसे जोधपुर के संत और श्रद्धालु सुरक्षित लौटे

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दुबई में फंसे जोधपुर के संत और श्रद्धालु सुरक्षित लौटे


परिजनों के निकले आंसू, गले लगाया, माल्यार्पण कर स्वागत किया

जोधपुर, 05 मार्च (हि.स.)। ईरान-इजरायल के बीच तनाव के कारण दुबई में फंसे दो संतों के साथ ही 120 श्रद्धालुओं में से अधिकांश सुरक्षित रूप से वापस जोधपुर लौट आए हैं। वापसी पर श्रद्धालुओं के परिजनों की आंखों से आंसु आ गए। एयरपोर्ट पर उन्होंने अपने परिजनों को गले लगाया और माल्यार्पण कर स्वागत किया। ये सभी कथावाचक सूरसागर बड़ा रामद्वारा के संत अमृतराम महाराज के साथ उनकी कथा सुनने व धर्म प्रचार के लिए दुबई गए थे। सभी को वापस सुरक्षित लाने के लिए केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लगातार प्रयास किए थे।

दरअसल सूरसागर स्थित बड़ा रामद्वारा से जुड़े संत अमृत राम महाराज और मनोहर दास महाराज के सान्निध्य में 120 से अधिक श्रद्धालु 23 फरवरी को सत्संग यात्रा और धार्मिक कथा कार्यक्रम के लिए दुबई गए थे। यह यात्रा 28 फरवरी तक निर्धारित थी, जहां संत अमृत राम महाराज ने वहां भक्ति कथा का आयोजन किया। सभी श्रद्धालु रामस्नेही संप्रदाय से जुड़े थे और इस यात्रा को आध्यात्मिक उन्नति का अवसर मानकर उत्साह से शामिल हुए थे। लेकिन जैसे ही कथा समाप्त हुई, मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और संबंधित देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। मिसाइल हमले, विस्फोटों की आवाजें और हवाई क्षेत्र में अस्थिरता के कारण दुबई सहित कई एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द कर दी गईं।

श्रद्धालु दुबई एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें वापस होटल भेज दिया गया। मीना बाजार क्षेत्र के एक होटल में वे अस्थायी रूप से ठहरे, जहां होटल किराया और अन्य खर्चों ने आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया। कई दिनों तक अनिश्चितता का माहौल रहा। धमाकों की गूंज, उड़ानों का बंद होना और सुरक्षित वापसी की चिंता ने सभी को परेशान किया। इस कठिन घड़ी में संत अमृत राम महाराज और मनोहर दास महाराज ने श्रद्धालुओं का हौसला बनाए रखा। उन्होंने भजन-कीर्तन, होली के गीत और राम भक्ति के माध्यम से सभी को ढाढ़स बंधाया। वहीं परिवारों ने सोशल मीडिया और सरकार से मदद की गुहार लगाई। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की अपील की।

अंतत: हालात सामान्य होने और उड़ानें बहाल होने पर सभी श्रद्धालु सुरक्षित निकल पाए। देर रात वे दुबई से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से अलग-अलग फ्लाइट्स के जरिए आगे बढ़े। संतों सहित करीब बीस लोग बेंगलुरु पहुंचे। आज दोपहर तक अधिकांश श्रद्धालु जोधपुर पहुंच गए।

संत रामप्रसाद महाराज ने लौटने पर खुशी जताते हुए कहा कि भगवान की कृपा से सभी श्रद्धालु सुरक्षित घर लौट आए, जो सबसे बड़ी राहत की बात है। जोधपुर के इन श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे रामस्नेही संप्रदाय और भक्तों के लिए खुशी का अवसर बन गई है।

दुबई से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अधिकांश लोग अलग-अलग रास्तों से अपने गृह नगर जोधपुर पहुंचे है। इनमें से करीब 76 श्रद्धालु कोच्चि और बेंगलुरु होते हुए जोधपुर पहुंचे जबकि करीब 30 श्रद्धालु अहमदाबाद के रास्ते घर लौटे हैं। शेष लोग भी वापस लौट रहे है।

दुबई में फंसे होने के दौरान इन श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि उन्हें मजबूरन उसी होटल में दोबारा रुकना पड़ा, जहां उनसे काफी महंगा किराया वसूला गया। हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में दुबई के माहेश्वरी समाज ने उनके भोजन की व्यवस्था कर बड़ी राहत प्रदान की। श्रद्धालुओं ने यह भी बताया कि जहां अबू धाबी प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों का खर्च उठाया, वहीं दुबई में उन्हें आर्थिक दबाव झेलना पड़ा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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