अब 31 अगस्त तक लगेंगे ग्रामीण और शहरी सेवा शिविर, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
जयपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में संचालित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की सातवीं बैठक के दौरान अधिकारियों को शिविरों के प्रभावी संचालन और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों और लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी कार्य के लंबित रहने पर उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही रास्तों और अतिक्रमण से जुड़े विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों का विवरण मोबाइल नंबर सहित दर्ज करने तथा शिविरों से जुड़े उनके अनुभवों को भी संकलित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से सुझाव लेकर शिविरों की कार्यप्रणाली को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जून से शुरू हुए ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों को प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन मिला है। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को राहत मिली है और वर्षों से लंबित मामलों का समाधान संभव हुआ है। अब तक प्रदेश में 19 हजार से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आमजन को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिला है।
शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से 42 हजार से अधिक पट्टे जारी किए गए हैं तथा 13 हजार से अधिक नामांतरण प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
इसके अलावा एक लाख से अधिक जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण, 12 हजार से अधिक पालनहार योजना सत्यापन, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 22 हजार से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं और 67 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की गई है।
ग्रामीण सेवा शिविरों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। अब तक एक लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, 48 हजार से अधिक सीमाज्ञान और पत्थरगढ़ी, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से विभाजन तथा 18 हजार से अधिक रास्तों से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
इसके साथ ही लाखों राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, पट्टों का वितरण और विभिन्न प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में शिविरों के माध्यम से 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया है। 11 लाख से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े चार लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच की गई है। वहीं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत तीन लाख से अधिक तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 48 हजार से अधिक पॉलिसियों का वितरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है तथा आगामी अवधि में भी इन शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

