आरटीई दाखिला विवाद: शिक्षा संकुल पर अभिभावकों ने किया विरोध—प्रदर्शन
जयपुर, 07 मई (हि.स.)। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत सत्र 2026-27 में चयनित करीब 1.90 लाख बच्चों को 50 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज अभिभावकों ने गुरुवार को शिक्षा संकुल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त अभिभावक संघ के नेतृत्व में अभिभावक और विद्यार्थी भीषण गर्मी के बीच शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर जुटे और सरकार, शिक्षा विभाग तथा निजी स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा का अधिकार दो, नहीं तो इस्तीफा दो” और “निजी स्कूलों की मनमानी बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक मंजू शर्मा को शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू, मनोज बडजात्या, इमरान कुरैशी, पंडित लोकेश शर्मा, सत्यनारायण नामा, मोहम्मद जफर सहित बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ मौजूद रहे।
संघ ने आरोप लगाया कि आरटीई कानून केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है। निजी स्कूल चयनित बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं और अतिरिक्त दस्तावेज व फीस की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की उदासीनता गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो बच्चों को प्रवेश क्यों नहीं दिया जा रहा।
प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने आरोप लगाया कि सरकार, शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों की मिलीभगत के कारण बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सभी चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिला तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन और जवाबदेही अभियान चलाया जाएगा।
संघ ने मांग की कि सभी चयनित बच्चों को तत्काल प्रवेश दिलाया जाए, नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई हो तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। संयुक्त अभिभावक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों में दाखिले नहीं हुए तो शिक्षा संकुल के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा और प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

