आरपीएससी ने एक साल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का किया आयोजन

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आरपीएससी ने एक साल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का किया आयोजन


आरपीएससी ने एक साल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का किया आयोजन


साल भर में 10 हजार अभ्यर्थियों की चयन अनुशंषा संबंधित विभागों को की प्रेषित

अजमेर, 18 जून(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने शुक्रवार 19 जून को अपना कार्यकाल पूर्ण होने के एक दिन पूर्व गुरुवार को आयोग मुख्यालय पर कार्यकाल की उपलब्धियां व नवाचार साझा किया। उन्‍होंने बताया कि एक साल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का आयोजन किया गया और 10 हजार अभ्यर्थियों की चयन अनुशंषा संबंधित विभागों को प्रेषित की गई। आयोग अध्यक्ष की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग के समस्त सदस्य, सचिव एवं मुख्य परीक्षा नियंत्रक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अध्यक्ष साहू ने 12 जून 2025 को पदभार ग्रहण करने के उपरांत अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान आयोग द्वारा प्रशासनिक सुदृंढीकरण, परीक्षा प्रणाली की शुचिता, पारदर्शिता और समयबद्धता की दिशा में अर्जित की गई उपलब्धियों तथा तकनीकी नवाचारों की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की।

उन्‍होंने बताया कि राज्य सरकार से प्राप्त अभ्यर्थना अनुसार गत् ढाई वर्षों (1 जनवरी 2024 से) में 61 भर्ती विज्ञापन आयोग द्वारा जारी किए गए । इनमें से 1 वर्ष की अवधि में (12 जून 2025 से) युवाओं को त्वरित अवसर प्रदान करते हुए 14 हजार 536 पदों पर सीधी भर्ती के लिए कुल 16 बड़े विज्ञापन जारी किए गए। इस एक वर्ष की अल्प अवधि में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। राइट टाइम पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत सभी परीक्षाएं पूर्व-निर्धारित परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समय पर आयोजित की गईं।

साहू के अनुसार आयोग द्वारा 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक विभिन्न भर्तियों के तहत कुल 16,218 सफल अभ्यर्थियों की चयन अनुशंषा संबंधित विभागों को प्रेषित की जा चुकी है, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के त्वरित अवसर मिले हैं। इस संपूर्ण प्रक्रिया में उल्लेखनीय तथ्य यह है कि कुल प्रेषित रिकमंडेशन्स में से 10,220 अभ्यर्थियों की चयन अनुशंषा जून 2025 से लेकर अब तक (1 वर्ष) की अवधि में ही प्रेषित की गई है। यह आंकड़ा आयोग की कार्यप्रणाली में आई अभूतपूर्व गति और प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है।

उन्‍होंने बताया कि प्रश्न-पत्रों की पूर्ण गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यूमैरिक लॉक सहित 7-स्तरीय सुरक्षा कवच का प्रावधान लागू किया गया। परीक्षा कक्षों में किसी भी प्रकार के कदाचार को रोकने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी की सीट-टू-सीट रीयल-टाइम डेट एवं टाइम स्टैंप के साथ अत्याधुनिक वीडियोग्राफी सुनिश्चित की गई। इन कड़े सुरक्षा उपायों के परिणामस्वरूप सभी परीक्षाएं पूर्ण शुचिता, निष्पक्षता और जीरो-लीकेज के साथ संपन्न हुईं। चयन प्रक्रिया को गति देने के लिए कार्यकाल के दौरान रिकॉर्ड 14,885 अभ्यर्थियों के साक्षात्कारों का आयोजन किया गया। साक्षात्कार बोर्डों की कार्यकुशलता को बढ़ाते हुए प्रति कार्य दिवस औसतन 60 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत करने के लिए अंतिम परिणाम जारी होने के तुरंत बाद सफल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की पारदर्शी परंपरा शुरू की गई।

परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने जनवरी 2026 से कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा (सीबीआरटी) का पुनः सफल आयोजन शुरू किया। इससे पूर्व वर्ष 2013-14 की अवधि में आयोग द्वारा सीबीआरटी मोड में परीक्षा कराई गई थी इसके तहत व्याख्याता (आयुष विभाग) और सहायक विद्युत निरीक्षक परीक्षाएं पूरी शुचिता से संपन्न कर रिस्पॉन्स शीट जारी की जा चुकी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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