रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक 26 जून से

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रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक 26 जून से


जयपुर, 20 जून (हि.स.)। रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक का आयोजन इस बार 26 से 28 जून तक होने जा रहा है। रणथम्भौर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की थीम सर्वश्रेष्ठ बाघों का संरक्षण (कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स) रखी गई है। अपने पांचवें संस्करण में प्रवेश कर रहे इस आयोजन ने इस बार देश के छह दिग्गज बाघों की विरासत पर संवाद विशेष आकर्षण होगा। इस बार भी यह आयोजन संरक्षणवादियों, वन्यजीव विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, फोटोग्राफरों, फिल्म निर्माताओं, वन अधिकारियों, पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट स्थिरता विशेषज्ञों तथा वन्यजीव प्रेमियों को एक मंच पर लाएगा। इसका उद्देश्य भारत की उल्लेखनीय बाघ संरक्षण यात्रा का उत्सव मनाने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर सार्थक चर्चा करना है।

रेडिको खेतान के मुख्य विपणन अधिकारी कुणाल मदान ने बताया कि आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिजॉर्ट और कैसल झूमर बावड़ी में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चा, संरक्षण से जुड़ी प्रेरक कहानियां, वन्यजीव फोटोग्राफी पहल, संरक्षण उत्कृष्टता सम्मान और रणथम्भौर के प्राकृतिक परिवेश से जुड़े विशेष अनुभव शामिल होंगे।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षणवादी डॉ. लतिका नाथ, रणथम्भौर के प्रकृतिविद् विजय सिंह मीणा, अभिनेता एवं निर्माता राहुल सिंह तथा वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण सहित कई वरिष्ठ वन अधिकारी, शोधकर्ता और पर्यावरणविद भाग लेंगे। चर्चा का केंद्र बिंदु बाघ संरक्षण, वन्यजीव गलियारे, जिम्मेदार पर्यटन, तकनीक की भूमिका, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और संरक्षण नेतृत्व रहेगा।

लव फ्रीडम पार्टनर आनंद भारद्वाज एवं सुनील मंगल ने बताया कि कार्यक्रम में ‘भारत के छह महान बाघ’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें उन बाघों की प्रेरक कहानियों और संरक्षण आंदोलन में उनके योगदान को याद किया जाएगा।

आयोजन के दौरान कंजर्वेशन अवॉर्ड्स भी प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कारों का चयन वी.पी. सिंह बदनौर, पूर्व राज्यपाल (पंजाब) एवं पूर्व प्रशासक (चंडीगढ़) की अध्यक्षता वाली जूरी करेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता और टाइगर कंजर्वेशन पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। साथ ही वन संरक्षण की अग्रिम पंक्ति में कार्यरत वनकर्मियों के योगदान को सम्मानित करने के लिए विशेष कल्याणकारी पहल भी संचालित की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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