थार से हिमालय तक संस्कृति का सेतु बनेगा युवा संगम

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थार से हिमालय तक संस्कृति का सेतु बनेगा युवा संगम


जोधपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। एक भारत, श्रेष्ठ भारत पहल के तहत युवा संगम चरण-7 के राजस्थान प्रतिनिधिमंडल को गुरुवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर से सिक्किम के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर आयोजित ध्वज दिखाकर रवाना करने के समारोह में आईआईटी जोधपुर के उप निदेशक प्रो. भबानी के. सतपथी एवं विद्यार्थी अधिष्ठाता डॉ. राजलक्ष्मी चौहान ने 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं दीं।

राजस्थान के विभिन्न जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में पांच अधिकारी भी शामिल हैं। प्रो. सतपथी ने प्रतिभागियों को यात्रा का अधिकतम लाभ उठाने तथा सिक्किम की संस्कृति, परंपराओं और विकास यात्रा को करीब से समझने एवं अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित किया। राजस्थान का प्रतिनिधिमंडल आज सुबह करीब 3 बजे सिक्किम के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल के साथ आईआईटी जोधपुर के सहायक प्रोफेसर एवं युवा संगम चरण-7 के नोडल अधिकारी डॉ. भास्कर कुमार काकती तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विद्यार्थी प्रमुख अविनाश कुमार चौहान सहित अन्य अधिकारी रहेंगे।

संस्कृति का आदान-प्रदान

राजस्थान से सिक्किम की यह यात्रा केवल भौगोलिक दूरी तय करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने और युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने का अवसर है। थार के मरुस्थल से पूर्वी हिमालय तक की इस यात्रा में प्रतिभागी दोनों राज्यों की संस्कृति, परंपराओं, जीवनशैली और विकास की विविधताओं को करीब से जानेंगे। सिक्किम प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल स्थानीय लोगों, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ संवाद करेगा। साथ ही ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर राज्य की तकनीकी व्यवस्था, पर्यटन क्षमता और विकास यात्रा को समझेगा।

युवा संगम के पांच प्रमुख आयाम लोग, परंपराएं, तकनीक, पर्यटन और विकास इस आदान-प्रदान के केंद्र में रहेंगे। वहीं राजस्थान के युवा सिक्किम में प्रदेश के सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका निभाते हुए राजस्थान की लोक संस्कृति, विरासत, खान-पान, परंपराओं और उद्यमशीलता से भी परिचित कराएंगे।

राष्ट्रीय एकता का भाव

युवा संगम का उद्देश्य युवाओं को अपने परिचित परिवेश से बाहर निकलकर देश के दूसरे हिस्सों को प्रत्यक्ष रूप से समझने और वहां के लोगों से संवाद का अवसर प्रदान करना है। इस प्रकार की यात्राएं विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और भौगोलिक क्षेत्रों के बीच आपसी समझ एवं स्थायी संबंधों को मजबूत करती हैं। आईआईटी जोधपुर में आयोजित ध्वज दिखाकर रवाना करने का समारोह राजस्थान के युवाओं की सिक्किम की संस्कृति और विकास यात्रा से जुडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। प्रतिनिधिमंडल के लिए यह यात्रा भ्रमण के साथ-साथ सीखने, संवाद करने और देश की विविधता को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करने का अवसर होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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