राजस्थान पुलिस को मिलीं 828 नवप्रशिक्षित महिला कांस्टेबल

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राजस्थान पुलिस को मिलीं 828 नवप्रशिक्षित महिला कांस्टेबल


राजस्थान पुलिस को मिलीं 828 नवप्रशिक्षित महिला कांस्टेबल


जयपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान पुलिस को 828 नवप्रशिक्षित महिला कांस्टेबल मिली हैं। राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (आरपीटीसी) किशनगढ़ में 14 जिलों की 533 तथा पुलिस दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान (पीटीएस) सिलोरा में 295 महिला कांस्टेबलों के प्रशिक्षण पूर्ण होने पर दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किए गए। दोनों समारोहों में पुलिस महानिदेशक यातायात मालिनी अग्रवाल मुख्य अतिथि रहीं।

मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक यातायात मालिनी अग्रवाल ने नव प्रशिक्षित कांस्टेबलों से स्मार्ट पुलिसिंग अपनाने और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने के साथ आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार करने का आह्वान किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक और नवीन कानूनों की जानकारी रखते हुए जिम्मेदारी व जवाबदेही से कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

आरपीटीसी किशनगढ़ में परेड का नेतृत्व उदयपुर जिले की प्रमिला धाकड़ ने किया। बैच संख्या 75 में फायरिंग व इंडोर में कोमल जांगिड़, ड्रिल में संजना पंड्या और आउटडोर में प्रमिला धाकड़ प्रथम रहीं। कोमल जांगिड़ ऑलराउंडर प्रथम रहीं। वहीं, पीटीएस सिलोरा में फायरिंग में निकेश डूडी, इंडोर में प्रियंका, आउटडोर में दिव्या राठौड़ और ड्रिल में सावित्री गुर्जर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निकिता ऑलराउंडर प्रथम रहीं। प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए किशनगढ़ में संदीप कुमार को सर्वश्रेष्ठ इंडोर और नंदलाल चौधरी को सर्वश्रेष्ठ आउटडोर प्रशिक्षक का पुरस्कार दिया गया। सिलोरा में उपनिरीक्षक रामावतार पालीवाल सर्वश्रेष्ठ इंडोर और रघुवीर सिंह सर्वश्रेष्ठ आउटडोर प्रशिक्षक के रूप में सम्मानित हुए।

आरपीटीसी किशनगढ़ के प्राचार्य एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के पैटर्न पर तैयार पाठ्यक्रम के तहत नौ माह का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें नवीन कानूनों, फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर अपराध, आर्थिक अपराधों की जांच, व्यक्तित्व विकास, थाने के प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहे। प्रशिक्षुओं को पुलिस नियंत्रण कक्ष, एफएसएल, नशामुक्ति केंद्र, नारी संरक्षण गृह और वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर सहित विभिन्न संस्थानों का भ्रमण भी कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान रात्रि गश्त, वाहन जांच, छापेमारी, प्राथमिक उपचार, विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और बलवा नियंत्रण का मैदानी अभ्यास कराया गया। समारोह में जर्मन ड्रिल, म्यूजिकल राइफल ड्रिल और निहत्थे युद्ध कौशल सहित विभिन्न प्रदर्शन किए गए। कार्यक्रम में अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. रवि, अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला, जीआरपी अजमेर के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह, हाड़ीरानी महिला बटालियन नारेली की कमांडेंट उषा यादव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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