अस्पताल पहुंचने से पहले 108 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, ईएमटी की सूझबूझ से सुरक्षित हुआ प्रसव

WhatsApp Channel Join Now
अस्पताल पहुंचने से पहले 108 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, ईएमटी की सूझबूझ से सुरक्षित हुआ प्रसव


चित्तौड़गढ़, 11 अक्टूबर (हि.स.)। जिंदगी और मौत के बीच कई बार कुछ मिनट बेहद अहम साबित होते हैं, तो कभी किसी नई जिंदगी के आगमन का गवाह बन जाता है सफर। चित्तौड़गढ़ से करीब 12 से 15 किलोमीटर दूर पीपलपाल गांव में रविवार को ऐसा ही एक घटनाक्रम सामने आया, जहां अस्पताल ले जाते समय गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए 108 एंबुलेंस में तैनात आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) राजू तारसिंग ने तत्काल मोर्चा संभाला और एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करवाया। महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई गई।

जानकारी के अनुसार, पीपलपाल गांव निवासी दुर्गा कुमारी (25), पत्नी किशनलाल भोई को रविवार सुबह प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता हुई। परिजनों ने समय रहते 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर सहायता मांगी। सूचना मिलने पर एंबुलेंस गांव पहुंची और महिला को अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुई। लेकिन सफर शुरू होने के कुछ ही समय बाद दुर्गा कुमारी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी।

महिला की स्थिति को देखते हुए अस्पताल पहुंचने तक इंतजार करना संभव नहीं था।

ऐसे में एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी राजू तारसिंग ने परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए। उनकी सूझबूझ और तत्परता से एंबुलेंस में ही प्रसव करवाया गया। कुछ ही देर में एंबुलेंस के भीतर नवजात की किलकारी गूंज उठी और महिला ने बेटे को जन्म दिया।

प्रसव के बाद एंबुलेंस में ही नवजात की शुरुआती जांच की गई। बच्चे का वजन 2 किलो 955 ग्राम दर्ज किया गया। एंबुलेंस कर्मियों के अनुसार, जन्म के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य थी। इसके पश्चात मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों की जांच की।

जांच के बाद मां और बच्चे की हालत सामान्य बताई गई तथा दोनों को अस्पताल में भर्ती कर उनकी देखभाल शुरू की गई।

दुर्गा कुमारी और किशनलाल भोई के घर दूसरी संतान के रूप में बेटे का जन्म हुआ है। परिवार में पहले से एक बेटी है। बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने बताया कि प्रसव के लिए महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से 108 एंबुलेंस सेवा की मदद ली गई थी, लेकिन रास्ते में ही प्रसव पीड़ा शुरू हो जाने के कारण एंबुलेंस में प्रसव करवाना पड़ा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Share this story