(अपडेट) राजस्थान में कहीं नदी उफनी तो कहीं डैम पर चली चादर

WhatsApp Channel Join Now
(अपडेट) राजस्थान में कहीं नदी उफनी तो कहीं डैम पर चली चादर


(अपडेट) राजस्थान में कहीं नदी उफनी तो कहीं डैम पर चली चादर


जयपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान से मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, लेकिन जाते-जाते बादल जमकर बरस रहे हैं। प्रदेश में मानसून के अंतिम चरण में बारिश ने कई इलाकों में अपना असर दिखाया है। चित्तौड़गढ़ में रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, वहीं उदयपुर और सलूंबर में गुरुवार रात से शुरू हुआ बरसात का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा।

डूंगरपुर के आसपुर में लगातार बारिश के बाद पूंजपुर-पुंजेला बांध पूरा भर गया और शुक्रवार सुबह बांध पर करीब एक फीट ऊंची चादर चलने लगी।

सलूंबर के झल्लारा क्षेत्र में सरनी नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने यहां आवागमन रोक दिया और लोगों से नदी के पुल को पार नहीं करने की अपील की। क्षेत्र में सराड़ा में 132 मिलीमीटर, सेमारी में 129, झल्लारा में 118 और सलूंबर में 114 मिलीमीटर बारिश मापी गई। लसाड़िया में भी 58 मिलीमीटर पानी बरसा।

आसपुर क्षेत्र में गुरुवार रात करीब तीन बजे से बारिश का दौर बना हुआ है। लगातार पानी आने से कई तालाब ओवरफ्लो हो गए। पूंजपुर का पुंजेला बांध लबालब भरने के बाद उस पर चादर चल रही है।

मोवाई का माइयाला तालाब, खलील का हरियाला खेड़ा और आसपुर का गमेंला तालाब भी छलक गए। कई जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर भी पानी पहुंच गया। चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में गुरुवार देर रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश से ब्राह्मणी नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते डब्को झरने में भी पानी का प्रवाह तेज हो गया। नदी और झरनों के बढ़े जलस्तर ने क्षेत्र में मानसून की सक्रियता का असर साफ दिखा दिया।

बारिश के बीच कोटा जंक्शन पर भी हादसा होते-होते बचा। गुरुवार रात करीब 8:30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई। कुछ देर तक धमाके जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद बिजली बंद कर आग पर काबू पाया गया।

घटना से कुछ समय के लिए स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दूसरी ओर टोंक में रात की बारिश किसानों के लिए परेशानी लेकर आई। सोप क्षेत्र में खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसल खराब हो गई। मानसून की इस बारिश ने उन किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिनकी फसल खेतों में कटकर तैयार पड़ी थी।

गुरुवार शाम जयपुर में भी मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब चार बजे बाद शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सड़कों पर आधा फीट तक पानी भर गया। जयपुर हवाईअड्डे पर एक घंटे में 38 मिलीमीटर और जेएलएन मार्ग पर 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जालसू और चौमूं में भी करीब एक-एक इंच पानी बरसा।

पिछले 24 घंटे में सवाई माधोपुर, करौली, नागौर, अजमेर और जयपुर में करीब चार इंच तक बारिश हुई। भीलवाड़ा, बूंदी, टोंक, झुंझुनूं और बीकानेर में भी करीब दो इंच तक पानी बरसा। जैसलमेर के मोहनगढ़ में भी शुक्रवार सुबह बारिश शुरू हुई। लंबे समय बाद हुई बारिश से यहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

बारिश के साथ चली हवाओं का असर तापमान पर भी पड़ा। पिलानी, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, फतेहपुर, झुंझुनूं और अजमेर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 2 से 7 डिग्री तक गिर गया।

हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में अब भी तापमान करीब 39 डिग्री तक बना हुआ है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 28 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 19 सितंबर से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने और मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना जताई गई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Share this story