राइजिंग राजस्थान समिट 2024 के एमओयू ज़मीन पर उतरे, निवेशकों का भरोसा हुआ मजबूत
जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट–2024’ ने राज्य की आर्थिक दिशा को नई गति दी है। समिट के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 11 हजार से ज्यादा एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से बड़ी संख्या में निवेश परियोजनाएं अब ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। यह समिट की ठोस सफलता और निवेशकों के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट संकेत है।
समिट के बाद निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हुई है। खासतौर पर कृषि क्षेत्र में 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग स्टेज पर पहुंच चुकी हैं। इन परियोजनाओं से राज्य में वैल्यू-एडिशन, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि अवसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में कार्या केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स, बालमार्ट माल्टिंग और बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल जैसी प्रमुख कंपनियों की परियोजनाएं लागू होने की स्थिति में हैं।
चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी निवेश की रफ्तार तेज दिखाई दे रही है।
चिकित्सा शिक्षा और आयुष सहित इस क्षेत्र में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। इनसे अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी, चिकित्सा प्रशिक्षण संस्थानों में सुधार होगा और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।
इस क्षेत्र में सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल्स, भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल, श्री जी लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड, फॉर्च्यून फाउंडेशन और निर्वाण यूनिवर्सिटी, जयपुर की परियोजनाएं प्रमुख हैं।
खनन क्षेत्र में भी राजस्थान नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 30 से ज्यादा परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। वेदांता लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, अल्ट्राटेक सीमेंट और एजीपी सीजीडी इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों की परियोजनाएं इस क्षेत्र को नई दिशा दे रही हैं। इससे खनिज संपदा से समृद्ध जिलों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट के परिणाम राज्य में निवेश के माहौल में आए बड़े सकारात्मक बदलाव को दर्शाते हैं। नीतिगत सुधार, प्रशासनिक सहयोग और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से एमओयू अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहकर ज़मीन पर आकार ले रहे हैं, जो राजस्थान के आर्थिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव बन रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

