1855 से 1860 के कालखंड पर शोध की आवश्यकता : प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

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1855 से 1860 के कालखंड पर शोध की आवश्यकता : प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल


अजमेर, 12 अगस्त(हि.स.)। महर्षि दयानंद सरस्वती के राष्ट्र चिंतन और स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि में उनके योगदान को समझने के लिए वर्ष 1855 से 1860 के कालखंड पर विशेष शोध की आवश्यकता है। यह बात महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने बुधवार को महर्षि दयानंद शोध पीठ के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही। स्वाधीनता दिवस के सप्तदिवसीय समारोह की शृंखला में आयोजित संगोष्ठी का विषय “महर्षि दयानंद सरस्वती का राष्ट्र चिंतन और स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि निर्माण में योगदान” था।

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि महर्षि दयानंद का चिंतन ज्ञान, चरित्र निर्माण, सामाजिक सुधार, आत्मनिर्भरता और स्वराज की समग्र वैचारिक यात्रा है। उन्होंने शोधकर्ता ए.के. गांधी की पुस्तक स्वामी दयानंद एंड द 1857 का उल्लेख करते हुए कहा कि दयानंद के तात्या टोपे, नाना साहब और अजीमुल्ला खान जैसे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े व्यक्तित्वों से संपर्क के उल्लेख मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उस दौर में साधु-संत जनजागरण और संदेश प्रसार के महत्वपूर्ण माध्यम थे। ‘कमल और रोटी’ आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसके जनसंपर्क और सैनिक नेटवर्क से जुड़े प्रतीकात्मक पक्षों पर भी प्रकाश डाला।

कुलगुरु ने कहा कि दयानंद के चिंतन में यात्रा ज्ञान से चरित्र निर्माण, सामाजिक सुधार, आत्मनिर्भरता और अंततः स्वराज की ओर बढ़ती है। उनका स्वराज केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वराज की व्यापक अवधारणा भी था। उन्होंने शोध पीठ से “दयानंद और 1857 : इतिहास के पन्नों के बीच का अन्वेषण” जैसे विषयों पर शोध को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

मुख्य अतिथि शाहपुरा विधायक डॉ. लाला राम बैरवा ने कहा कि दयानंद ने अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध चेतना जगाई। मुख्य वक्ता डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक जीवन में दयानंद के विचारों की प्रासंगिकता बताई। वक्ता अंकित प्रभाकर ने भी विचार रखे। विषय प्रवर्तन प्रो. ऋतु माथुर ने किया तथा कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक सुश्री नेहा शर्मा ने आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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