री-नीट 2026 परीक्षा: मेडिकल सीट का सपना लेकर परीक्षा देंगे 2.09 लाख अभ्यर्थी

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री-नीट 2026 परीक्षा: मेडिकल सीट का सपना लेकर परीक्षा देंगे 2.09 लाख अभ्यर्थी


री-नीट 2026 परीक्षा: मेडिकल सीट का सपना लेकर परीक्षा देंगे 2.09 लाख अभ्यर्थी


जयपुर, 20 जून (हि.स.)। री-नीट 2026 परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पिछले महीने पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकार, पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। रविवार को आयोजित होने वाली परीक्षा में प्रदेशभर के करीब 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिनके लिए 25 जिलों में 577 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अकेले जयपुर जिले में 103 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी।

राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को जयपुर सहित विभिन्न जिलों के परीक्षा केंद्रों का व्यापक निरीक्षण किया गया। पुलिस, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, बायोमैट्रिक सत्यापन, प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, माणक चौक क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों सहित कई केंद्रों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। ब्रह्मपुरी थानाधिकारी हेमंत ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए केंद्रों पर तैनात स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

वहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चौड़ा रास्ता में माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।

परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का विशेष नेटवर्क तैयार किया गया है। जयपुर के सभी 103 परीक्षा केंद्र पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। प्रत्येक केंद्र की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही नकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

जयपुर पुलिस के अनुसार परीक्षा वाले दिन सुबह 9:30 बजे से सभी परीक्षा केंद्र पुलिस की निगरानी में आ जाएंगे। इसके बाद केंद्र परीक्षा प्रभारियों को सौंप दिए जाएंगे और परीक्षा पूरी तरह निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संचालित होगी।

जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि प्रश्न-पत्रों को केंद्रीय बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में थ्री-लेयर सिक्योरिटी के बीच रखा गया है। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है।

पेपर लीक की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए एनटीए ने प्रश्न-पत्रों के अलग-अलग सेट तैयार किए हैं। परीक्षा के दिन ही अंतिम रूप से तय किया जाएगा कि किस सेट का उपयोग किया जाएगा। इससे पहले एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर के माध्यम से प्रश्न-पत्र जयपुर लाए गए थे, जहां से उन्हें सड़क मार्ग से विभिन्न जिलों में भेजा गया।

एनटीए ने परीक्षा केंद्रों की प्रत्येक कक्षा में विशेष घड़ियां लगवाई हैं। अभ्यर्थी और परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारी किसी भी प्रकार की घड़ी, स्मार्ट वॉच या मोबाइल फोन लेकर केंद्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। समय देखने के लिए केवल एनटीए द्वारा उपलब्ध कराई गई घड़ियों का उपयोग किया जाएगा।

परीक्षा केंद्रों के आसपास 300 मीटर के दायरे में सभी साइबर कैफे, ई-मित्र केंद्र और इंटरनेट आधारित तकनीकी संस्थान बंद रखे जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, पार्किंग और संदिग्ध गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।

संभावित पेपर लीक और नकल गिरोहों पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया है। सूत्रों के अनुसार पिछले पांच दिनों में जयपुर में करीब 30 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई है। साथ ही जयपुर पूर्व जिले में पांच लोगों से भी पूछताछ की गई।

हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर एक दर्जन से अधिक लोगों को निगरानी सूची में रखा गया है। उनकी गतिविधियों, संपर्कों और सोशल मीडिया नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्न-पत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर उपलब्ध कराने के आरोप सामने आए थे। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।

परीक्षा के मद्देनजर टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर लगाई गई रोक 22 जून तक प्रभावी रहेगी, जबकि उसके मैसेज एडिटिंग फीचर को 30 जून तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा अवधि के दौरान मेडिकल व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां, प्रशासन और एनटीए पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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