कांग्रेस सत्ता के लिए तड़प रही और अराजकता फैलाकर सत्ता पाना चाहती है: मदन राठौड़

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कांग्रेस सत्ता के लिए तड़प रही और अराजकता फैलाकर सत्ता पाना चाहती है: मदन राठौड़


जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर सत्ता हासिल करने के लिए अराजकता और विद्रोह का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार का विरोध करने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। नेताओं को शब्दों के चयन में संयम बरतना चाहिए और लोकतांत्रिक अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

राठौड़ ने कहा कि कुछ नेता तर्कों के अभाव में अमर्यादित और अभद्र भाषा का सहारा लेते हैं। जनता नेताओं के आचरण पर नजर रखती है और समय आने पर अपने तरीके से जवाब देती है। उनके अनुसार, राजनीतिक संवाद में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

राठौड़ ने कांग्रेस पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता पहचान पत्र से जुड़े मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने इस बयान में कोई विस्तृत दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि जिन लोगों के नाम कटने की बात कही जा रही है, उनकी स्थिति और संबंधित तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के संदर्भ में राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए विद्रोह की बात कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव और जनादेश है, न कि विद्रोह या अराजकता। राठौड़ ने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी देश में वैमनस्य की भावना को बढ़ावा दे सकती है।

उन्होंने कहा कि रैली निकालना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग कानून और अनुशासन के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। राजनीतिक विरोध को ऐसी भाषा और विचारों की दिशा में ले जाना उचित नहीं है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हों।

राठौड़ ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल का उद्देश्य सत्ता हासिल करना हो सकता है, लेकिन इसके लिए जनता का विश्वास जीतना, जनसेवा करना और चुनाव में जनादेश प्राप्त करना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता के लिए बेचैनी दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अराजकता और विद्रोह के जरिए सत्ता हासिल करने की सोच लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से आत्ममंथन करने की अपील की और कहा कि सभी दलों को राजनीतिक शुचिता, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनसेवा के रास्ते पर चलना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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