उत्तर पुस्तिकाओं के त्वरित मूल्यांकन व्यवस्थाओं का कुलगुरु ने लिया जायजा
अजमेर, 24 अप्रैल (हि.स.)। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत आयोजित सेमेस्टर प्रथम, द्वितीय एवं पंचम की परीक्षाओं के सुचारु संचालन और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने परीक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका सेलर का निरीक्षण कर वहां संचालित कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुलगुरु ने उपस्थित कार्मिकों से उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को विभिन्न परीक्षकों तक भेजने की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और समय प्रबंधन के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता सर्वोपरि है, इसलिए प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और सावधानी सुनिश्चित की जाए। कुलगुरु ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए, ताकि परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि समयबद्ध परिणाम जारी होना न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं के सुचारु आयोजन के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा किसी भी प्रकार की देरी से बचने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं का आयोजन भी तय कार्यक्रमानुसार सुनिश्चित करने को कहा।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनील कुमार टेलर भी उपस्थित रहे। उन्होंने परीक्षा व्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति से कुलगुरु को अवगत कराते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

