श्रीराम मंदिर की रामलीला में ताड़का वध: अहिल्या उद्धार और गंगावतरण का मंचन

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श्रीराम मंदिर की रामलीला में ताड़का वध: अहिल्या उद्धार और गंगावतरण का मंचन


जयपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। आदर्श नगर स्थित श्रीराम मंदिर प्रांगण में चल रही रामलीला में मंगलवार को महर्षि विश्वामित्र के आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, गंगावतरण और जनक अमराई के प्रसंगों का मंचन किया गया। सुरभि कला केंद्र, कोटा के महिला और पुरुष कलाकारों ने प्रभावशाली संवादों और भावपूर्ण अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।

अध्यक्ष हरचरण लेकर और सचिव अनिल खुराना ने बताया कि रामलीला में महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर अपने यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह करते हैं। राजा दशरथ पहले संकोच करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के समझाने पर दोनों राजकुमारों को विश्वामित्र के साथ भेजने के लिए तैयार हो जाते हैं।

वन में ताड़का के आतंक से ऋषि-मुनियों के यज्ञ और तपस्या में बाधा उत्पन्न होती है। महर्षि विश्वामित्र के निर्देश पर भगवान श्री राम ताड़का का वध कर ऋषियों को भयमुक्त करते हैं। इसके बाद श्री राम और लक्ष्मण यज्ञ की रक्षा करते हैं, जिससे वह निर्विघ्न संपन्न होता है। इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया गया।

मिथिला जाते समय भगवान श्रीराम गौतम ऋषि के आश्रम पहुंचते हैं, जहां उनके चरण-स्पर्श से अहिल्या का उद्धार होता है। वहीं, गंगावतरण के प्रसंग में राजा भगीरथ की तपस्या और मां गंगा की महिमा का चित्रण किया गया। जनक अमराई की लीला का भी मंचन हुआ। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

श्री राम मंदिर प्रन्यास एवं श्री सनातन धर्म सभा (रजि.), आदर्श नगर की ओर से आयोजित रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात 8:30 बजे से हो रहा है। रामलीला का समापन 19 अक्टूबर को होगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयदशमी पर रावण दहन किया जाएगा। रामलीला से जुड़े संजय आहूजा ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित आयोजन में पहुंचकर भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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