राहुल और गहलोत किसी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं: पूनिया

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राहुल और गहलोत किसी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं: पूनिया


जोधपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार जोधपुर आए हरियाणा के भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने परिसीमन को लेकर कहा कि यह सब एक सिस्टम का हिस्सा है। लेकिन राहुल गांधी, कांग्रेस और अशोक गहलोत किसी भी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं हैं। परिसीमन समय की मांग है। यह 1952 से चली आ रही है। निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। निर्धारित मापदंड से परिसीमन संवैधानिक तरीके से होगा। इसमें कांग्रेस बीजेपी नहीं होती है। यह बात उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से कही।

राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि यहां जन्म लेने वाले व्यक्ति को सडक़ पर चलने से लेकर चुनाव लडऩे की सहूलियत इज्जत के साथ मिलती है। सभी नागरिकों के लिए कानून हैं, जो भारत में जन्मे हैं, जो भारत पुत्र कहलाते हैं और जिनको घुसपैठिया नहीं कह सकते। ऐसे में भारत के भू-भाग पर किसी तरह की भिन्नता नहीं हो, इसीलिए समान नागरिक संहिता होनी चाहिए। इसका सभी पालन करें, यह विकसित भारत का सपना है।

रिफाइनरी पर अशोक गहलोत के बयान पर पूनिया ने कहा कि दिल्ली और प्रदेश में एक मिजाज की सरकार नहीं होने से परेशानी होती है। घोषणा कांग्रेस ने की थी, लेकिन इसे पूरा भाजपा की सरकार ने किया है। गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत ने केंद्र सरकार की योजनाओं को विफल किया। रिफाइनरी की घोषणा भले ही गहलोत ने की हो, लेकिन उसे धरातल पर लाने का काम बीजेपी ने किया है। अशोक गहलोत को इस काम की प्रशंसा करनी चाहिए। ऐसी कई योजनाएं और बातें हैं, जिन पर उन्हें उदारता रखते हुए तारीफ करने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए।

मीडिया ने सवाल पूछा कि सीएम बार-बार दिल्ली जाते हैं और विपक्ष बयान देता है कि कुछ बदलने वाला है। इस पर पूनिया ने कहा दिल्ली जाने का मतलब योजनाओं का रिव्यू कर उनका बजट लाना और प्रदेश के लिए पैरवी करना होता है। सीएम ने भी कहा था कि जब भी मैं दिल्ली जाता हूं, कुछ न कुछ लेकर आता हूं और वे लेकर भी आए। यह कांग्रेस में जरूर होता है कि दिल्ली जाओ, कुर्सी बचाओ। यह बीजेपी में नहीं होता।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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