गुजरात में पांडुलिपि सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण दायित्व डॉ. सरोज कोचर को सौंपा
बीकानेर, 23 मई (हि.स.)। भारतीय ज्ञान परंपरा एवं प्राचीन पांडुलिपि संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। बीकानेर की वरिष्ठ विदुषी एवं राजस्थान संस्कृत अकादमी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सरोज कोचर को गुजरात राज्य में “ज्ञान भारतरम मिशन” के अंतर्गत व्यापक पांडुलिपि सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है।
डॉ. कोचर लंबे समय से संस्कृत, भारतीय संस्कृति, पांडुलिपि विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। उनके निर्देशन में गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में संरक्षित दुर्लभ संस्कृत, प्राकृत, जैन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी अमूल्य पांडुलिपियों का खोज, सर्वेक्षण, सूचीकरण एवं संरक्षण कार्य किया जाएगा।
विद्वत् जगत ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे भारतीय ज्ञान-संपदा के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। शिक्षा एवं शोध क्षेत्र से जुड़े विद्वानों ने कहा कि डॉ. कोचर के अनुभव से मिशन को नई गति मिलेगी तथा देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।
इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं ने डॉ. सरोज कोचर को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए इसे राजस्थान एवं संस्कृत जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

