राजस्थान में कल 309 नगरीय निकायों की मतगणना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जयपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान में दो चरणों में हुए नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे सोमवार को आएंगे। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए 14 सितंबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं। 9 सितंबर को 162 और 11 सितंबर को 147 नगरीय निकायों में मतदान हुआ था। अब जिला प्रशासन ने मतगणना केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस को अलर्ट रखा गया है।
मतदान के बाद सभी निकायों की ईवीएम निर्धारित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। मतगणना से पहले स्ट्रांग रूम से ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच गणना कक्षों तक पहुंचाया जाएगा। मतगणना केंद्रों पर प्रत्याशियों और उनके अधिकृत एजेंटों के प्रवेश के लिए पास व्यवस्था लागू रहेगी। कई जिलों में मतगणना केंद्रों के आसपास बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया गया है। मतगणना केंद्र के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस व्यवस्था की गई है। प्रत्याशियों और समर्थकों की आवाजाही को भी निर्धारित व्यवस्था के तहत नियंत्रित किया जाएगा। परिणाम घोषित होने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।
प्रदेश के सभी 309 नगरीय निकायों की ईवीएम संबंधित जिलों में बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। मतगणना शुरू होने तक इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी रहेगी। मतगणना के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्ट्रांग रूम खोले जाएंगे और ईवीएम को गणना कक्ष तक ले जाया जाएगा। निर्वाचन अधिकारियों और मतगणना कार्मिकों को प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है।मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। मतगणना केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं जुटने देने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर रहेगा। प्रशासन की ओर से मतगणना केंद्रों पर किसी तरह का विवाद या अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होने देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। परिणाम आने के बाद संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस बल को तैनात रखा जाएगा।
प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में कुल 10,245 वार्ड हैं। इनमें 77 पार्षद पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि शेष वार्डों के लिए दो चरणों में मतदान कराया गया। अब 14 सितंबर को होने वाली मतगणना के साथ सभी प्रमुख निकायों में राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।
मतगणना के बाद नगरीय निकायों में बोर्ड गठन की कवायद शुरू होगी। महापौर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचित पार्षदों के बहुमत का समीकरण महत्वपूर्ण होगा। अध्यक्ष पदों का निर्वाचन 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पदों का निर्वाचन 22 सितंबर को प्रस्तावित है।
दो चरणों में हुए मतदान के बाद अब प्रदेशभर में प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की निगाहें सोमवार की मतगणना पर टिकी हैं। सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने के साथ ही अलग-अलग निकायों में रुझान आने लगेंगे और दोपहर तक कई निकायों की तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है। प्रशासन के सामने परिणाम घोषित करने के साथ शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना भी प्रमुख चुनौती होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

