चार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 50.93 करोड़ रुपये स्वीकृत

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चार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 50.93 करोड़ रुपये स्वीकृत


जोधपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। जोधपुर सांसद एवं केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के अनुसार, भारत सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत जोधपुर और जैसलमेर क्षेत्र के चार प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए कुल 50.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें रामदेवरा के बाबा रामदेवजी धाम के लिए 21.16 करोड़, जैसलमेर के मां देगराय मंदिर के लिए 11.84 करोड़, फलोदी के बापिणी स्थित मेहोजी मांगलिया मंदिर के लिए 16 करोड़ और कोलू पाबूजी धाम के लिए 1.93 करोड़ रुपये शामिल हैं।

स्वीकृत राशि से इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। धार्मिक आस्था और लोकपरंपराओं से जुड़े इन केंद्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के साथ उनकी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया जाएगा।

रामदेवरा में बाबा रामदेवजी की समाधि के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। भादवा मेले के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। शेखावत ने कहा कि 21.16 करोड़ रुपये की राशि से रामदेवरा में श्रद्धालु एवं पर्यटक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य किए जाएंगे।

जैसलमेर के मां देगराय मंदिर के विकास के लिए 11.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रेस नोट के अनुसार, राशि से मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी तथा स्थल को पर्यटन की दृष्टि से भी बेहतर बनाया जाएगा। शेखावत ने मां देगराय को जैसलमेर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा आस्था केंद्र बताया।

फलोदी के बापिणी स्थित लोकदेवता मेहोजी मांगलिया मंदिर के विकास के लिए 16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां लोकआस्था से जुड़े आयोजनों और मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शेखावत ने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य इस लोकपरंपरा से जुड़े स्थल पर सुविधाओं का विस्तार करना और इसकी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है।

फलोदी के कोलू गांव स्थित पाबूजी धाम के लिए 1.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पाबूजी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में माने जाते हैं और उनकी वीरगाथा ‘पाबूजी की पड़’ प्रदेश की लोककला एवं मौखिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रेस नोट के अनुसार, राशि से धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान की पहचान उसके किलों और महलों के साथ-साथ लोकदेवताओं, मंदिरों, मेलों और सांस्कृतिक परंपराओं से भी है। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर सुविधाओं के विकास से धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

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