राजस्थान में 20 शहरों में बारिश, सरवाड़ में चार इंच; जयपुर में 55 मिमी
जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान में गुरुवार को जयपुर सहित करीब 20 शहरों में हल्की से तेज बारिश हुई। अजमेर के सरवाड़ में सबसे अधिक 94 मिमी यानी करीब चार इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश से कई शहरों में सड़कों पर जलभराव हुआ और कुछ स्थानों पर मकानों व दुकानों में पानी भर गया।
जल संसाधन विभाग के अनुसार केकड़ी में 70, जयपुर में 55 और सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में 78 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अजमेर, टोंक, जयपुर, सीकर, कोटा, जालोर, नागौर, माउंट आबू, फलोदी, चूरू, डूंगरपुर, संगरिया, सवाई माधोपुर, राजसमंद, दौसा, बूंदी और भीलवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में हल्की से तेज बारिश हुई। केकड़ी में करीब दो घंटे तेज बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। बूंदी में बारिश से खेतों में कटी पड़ी उड़द और सोयाबीन की फसलें भीग गईं। गंगापुर सिटी और भरतपुर के नदबई में भी बारिश के बाद बाजार और कई इलाकों में जलभराव हुआ।
जयपुर में ढाई घंटे में 55 मिमी बारिश
जयपुर में गुरुवार दोपहर बाद मौसम बदला और शाम करीब साढ़े चार बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। करीब ढाई घंटे चले बारिश के दौर में 55 मिमी पानी दर्ज किया गया। जालसू में 27, चौमूं में 25, आमेर में 24 और सांगानेर में 38 मिमी बारिश हुई। तेज बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया और जगह-जगह यातायात प्रभावित हुआ। आदर्श नगर में पिंक स्क्वायर मॉल के सामने भी जलभराव रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र गुरुवार को भी सौराष्ट्र और आसपास के अरब सागर के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा नया पश्चिमी विक्षोभ भी राज्य के ऊपर सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ भागों में 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश हुई।उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को भी जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 20 सितंबर को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 21 सितंबर से राज्य के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने तथा मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने के संकेत हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

