राजस्थान पुलिस के जवानों को मिलेगा आतंकवाद विरोधी अभियानों का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण

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राजस्थान पुलिस के जवानों को मिलेगा आतंकवाद विरोधी अभियानों का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण


राजस्थान पुलिस के जवानों को मिलेगा आतंकवाद विरोधी अभियानों का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण


राजस्थान पुलिस के जवानों को मिलेगा आतंकवाद विरोधी अभियानों का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण


जयपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड एवं राजस्थान पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में संपूर्ण सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में हुई। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा तथा महानिदेशक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड भृगु श्रीनिवास की मौजूदगी में इस शुभारंभ समारोह में एनएसजी जवानों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दी।

इस शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आतंकवाद एक गंभीर और वैश्विक चुनौती है, जिससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर सतर्कता, उच्चस्तरीय तैयारी और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा केंद्रीय एवं राज्य पुलिस बलों को आतंकवाद विरोधी अभियानों के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर नियमित रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता रहा है।

शर्मा ने कहा कि जवानों के प्रशिक्षण स्तर में उच्चतम दक्षता हासिल करने से आतंकवादी चुनौतियों का सामना करने की हमारी क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से राजस्थान पुलिस के जवानों की आतंकवाद निरोधक कार्यवाही में व्यक्तिगत दक्षता का विकास होगा और संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियानों में सामूहिक समन्वय और कौशल में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

समारोह में महानिदेशक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड भृगु श्रीनिवासन ने कहा कि एनएसजी में सेना,केंद्रीय व राज्य पुलिस के चयनित कर्मियों को कठोर कमांडो प्रशिक्षण के बाद शामिल किया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में पिछले एक वर्ष में लगभग 26 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी क्रम में राजस्थान पुलिस के लिए एक माह तक जयपुर और जोधपुर में विशेष आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशन में एनएसजी एंटी-हाइजैकिंग ऑपरेशन और राज्य पुलिस बलों की क्षमता वृद्धि में अहम भूमिका निभा रही है। एनएसजी ने ऑपरेशन ब्लैक थंडर, मुंबई आतंकी हमला और पठानकोट जैसे अभियानों में सफलता प्राप्त की है। इन अभियानों में 59 आतंकियों को ढेर किया गया। 178 को गिरफ्तार किया गया और 755 बंधकों को सुरक्षित बचाया गया है।

इस दौरान एनएसजी के मेजर जनरल संदीप सिंह ने बताया कि राज्य पुलिस फर्स्ट रिस्पांडर होती है और एनएसजी के साथ बेहतर समन्वय के लिए यह एक माह का जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में बम डिस्पोजल, स्नाइपर, पर्सनल सिक्योरिटी, टेक्निकल ड्राइविंग सहित विभिन्न काउंटर टेरर ड्रिल्स पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

समारोह दौरान पुलिस महानिदेशक स्पेशल ऑपरेशन्स आनन्द कुमार श्रीवास्तव ने राजस्थान पुलिस की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण से राजस्थान पुलिस के जवानों की प्रोफेशनल दक्षता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यह कार्यक्रम दो चरणों में 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। पहले चरण के तहत 6 फरवरी तक मॉक ड्रिल, वीवीआईपी सुरक्षा, बीडी, टेक्निकल ड्राइविंग, अनआर्म्ड कॉम्बैट जैसे विभिन्न प्रशिक्षण राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में दिए जाएंगे। इसके दूसरे चरण में 7 फरवरी से 14 फरवरी तक काउंटर ड्रोन, स्नाइपर, काउंटर टेररिज्म ट्रेनिंग आदि प्रशिक्षण सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस ट्रेनिंग स्कूल,जोधपुर में दिए जाएंगे।

इस कार्यक्रम के पहले दिन उद्घाटन समारोह के अवसर पर एनएसजी ने आरपीए के परेड ग्राउंड में रोमांचक और अत्यंत प्रभावशाली लाइव डेमो प्रस्तुत कर मौजूद लोगों को आकर्षित किया। जयपुर मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर तैयार की गई डमी संरचना में आतंकियों द्वारा आमजन को बंधक बनाए जाने की स्थिति दर्शाई गई, जहां सूचना मिलते ही एमआई-17 हेलिकॉप्टर से स्लिथरिंग करते हुए एनएसजी कमांडो मौके पर पहुंचे और त्वरित कार्रवाई करते हुए आतंकियों को ढेर कर बंधकों को मुक्त कराया। इसके साथ ही अनआर्म्ड कॉम्बैट, फायर रिंग सहित विभिन्न ऑपरेशनल टैक्निक्स का प्रदर्शन किया गया। डेमो के दौरान वीआईपी प्रोटोकॉल में एनएसजी द्वारा अपनाई जाने वाली संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था और अभेद्य सुरक्षा घेरा भी लाइव दिखाया गया। इस दौरान राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से प्रशिक्षित के-9 डॉग स्क्वॉड ने विपरीत परिस्थितियों में अपनी अद्भुत दक्षता का परिचय दिया। उल्लेखनीय है कि गतवर्ष अहमदाबाद विमान दुर्घटना में के-9 डॉग स्क्वॉड सराहनीय भूमिका निभा चुकी है। कार्यक्रम में हाउस इंटरवेंशन, एंटी-ड्रोन तकनीक तथा रेंडर सेफ प्रोसीजर का भी सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को अत्यंत प्रभावित किया। कार्यक्रम दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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