प्रवासी राजस्थानी संस्कृति के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर, निवेश से विकास में भागीदारी निभाएं : मुख्यमंत्री
जयपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों से अपनी मातृभूमि में निवेश कर रोजगार सृजन और प्रदेश के विकास में भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति और समृद्ध विरासत के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं। ‘पधारो म्हारे देश’ के साथ अब ‘पधारो थारे देश’ की भावना को भी आगे बढ़ाना है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपने अनुभव, कौशल और उद्यमशीलता से राजस्थान की विकास यात्रा में सहभागी बन सकें।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रवासी राजस्थानियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन के 11 नए चैप्टर्स शुरू करने की घोषणा की और कॉफी टेबल बुक ‘विकास के सहभागी’ का विमोचन किया। नए चैप्टर्स के साथ राजस्थान फाउंडेशन के देश-विदेश में संचालित चैप्टर्स की संख्या 40 से बढ़कर 51 हो जाएगी।
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों के निवेश, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थान अफेयर्स का गठन, राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल की शुरुआत और एनआरआर पॉलिसी-2025 जारी की गई है। प्रत्येक जिले में जिला प्रवासी प्रकोष्ठ भी गठित किया गया है, जहां प्रतिवर्ष कम से कम एक बार प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर विद्युत प्रदाता राज्य बना है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे विकसित करने के साथ हवाई संपर्क सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए एमएसएमई क्षेत्र में कन्सेंट-टू-ऑपरेट की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन और बड़े उद्योगों के लिए 60 दिन की गई है। व्हाइट कैटेगरी के उद्योगों की सूची भी 104 से बढ़ाकर 877 की गई है। राज निवेश पोर्टल पर 18 विभागों की करीब 190 सेवाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान इंडस्ट्रीज पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026, राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी और एक जिला-एक उत्पाद नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खनिज संपदा, कृषि उत्पादों, मसालों, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नया ग्रोथ इंजन बनेगी। इससे जुड़े उत्पादों पर आधारित छोटे और बड़े उद्योगों की स्थापना के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रदेश में अब तक 472 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां करीब 46 हजार औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से निवेश कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास को आगे बढ़ा रही है। सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है। शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 662 ऐतिहासिक हवेलियां चिह्नित की गई हैं। इस विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आठ दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट आयोजित की जाएगी। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसंबर को होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
शर्मा ने कहा कि ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के तहत जल संरक्षण में प्रवासी राजस्थानियों का उल्लेखनीय योगदान रहा है। अभियान के अंतर्गत अब तक करीब 62 हजार भूजल रिचार्ज एवं जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के विस्तार के तहत रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी और विशाखापट्टनम में छह नए चैप्टर्स खोलने की घोषणा की। विदेश में सैन फ्रांसिस्को, ज्यूरिख, मिलान और डबलिन में चार चैप्टर्स स्थापित होंगे। इसके अलावा स्टॉकहोम में नॉर्डिक चैप्टर बनाया जाएगा, जिसमें स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे और फिनलैंड शामिल होंगे।
इन नए चैप्टर्स के साथ राजस्थान फाउंडेशन के 25 चैप्टर्स देश में और 26 विदेश में संचालित होंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, जयपुर महापौर सुनील कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे। देश-विदेश के विभिन्न चैप्टर्स के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी संवाद में भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

