भिवाड़ी आईटीआई क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये मंजूर, युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण

WhatsApp Channel Join Now
भिवाड़ी आईटीआई क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये मंजूर, युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण


जयपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने और युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की निवेश योजना को मंजूरी मिली है। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत राष्ट्रीय संचालन समिति ने यह स्वीकृति दी है। इसके बाद केंद्र, राज्य सरकार और एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के बीच शेयरहोल्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही राजस्थान यह समझौता करने वाला पहला राज्य बन गया है।

भिवाड़ी क्लस्टर में राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को हब बनाया जाएगा, जबकि अलवर, नीमराणा, तिजारा और किशनगढ़बास के राजकीय आईटीआई इससे जुड़ेंगे। क्लस्टर की एंकर इंडस्ट्री पार्टनर एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड होगी। इसका फोकस बुनियादी ढांचे और निर्माण क्षेत्र पर रहेगा। हब में विकसित होने वाली स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और डिजिटल शिक्षण सामग्री का लाभ इससे जुड़े चारों संस्थानों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।

राजस्थान में पीएम-सेतु योजना के तहत कुल 12 हब-स्पोक क्लस्टर प्रस्तावित हैं। भिवाड़ी के अलावा जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बांसवाड़ा, बालोतरा, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटपूतली, सीकर और पाली के क्लस्टर्स के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

योजना के तहत क्लस्टर की लागत में केंद्र सरकार का लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार का 33 प्रतिशत और उद्योग जगत का 17 प्रतिशत योगदान प्रस्तावित है। क्लस्टर के संचालन के लिए गठित होने वाले विशेष प्रयोजन वाहन में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत तथा केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत होगी। इससे प्रशिक्षण को उद्योगों की मांग, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

भिवाड़ी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्नत विनिर्माण, ऑटोमेशन और इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई के साथ उद्योगों में काम करने का अनुभव और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग भी मिलेगी। इससे उन्हें रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

पीएम-सेतु योजना का कुल परिव्यय 60 हजार करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 30 हजार करोड़ रुपये, राज्य सरकारों का 20 हजार करोड़ रुपये और उद्योग जगत का 10 हजार करोड़ रुपये है। योजना के तहत देश के 1,000 सरकारी आईटीआई को उन्नत किया जाना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

759482 Articles

Share this story