उच्च शिक्षा में एकीकृत प्रवेश प्रणाली के लिए एमडीएस विश्वविद्यालय ने राज्य सरकार को भेजा आरसीएएस का प्रस्ताव
अजमेर, 02 जुलाई (हि.स.)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएस), अजमेर के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने राजस्थान में उच्च शिक्षा की प्रवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार को राजस्थान कॉमन एडमिशन सर्विसेज (आरसीएएस) स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से राज्य सरकार को प्रेषित किया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार आरसीएएस के तहत राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए एकीकृत एवं केंद्रीकृत डिजिटल मंच विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अलग-अलग आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में विद्यार्थियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों में आवेदन, दस्तावेज अपलोड, शुल्क भुगतान और काउंसलिंग की अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, जिससे समय, धन और श्रम की अनावश्यक बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि आरसीएएस के माध्यम से विद्यार्थी एक बार पंजीकरण और एक आवेदन के आधार पर विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए अपनी प्राथमिकताएं दर्ज कर सकेंगे तथा पारदर्शी एवं मेरिट आधारित सीट आवंटन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित प्रणाली में ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन, केंद्रीकृत मेरिट सूची, वास्तविक समय में रिक्त सीटों की जानकारी, गतिशील काउंसलिंग प्रक्रिया, एकीकृत भुगतान प्रणाली तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषणात्मक प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं।
कुलगुरु ने कहा कि यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाएगी। साथ ही राज्य के सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में वृद्धि करने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों तथा राजस्थान सरकार के डिजिटल प्रशासन और सुशासन के विजन को भी मजबूती प्रदान करेगी।
प्रो. अग्रवाल ने राज्य सरकार से प्रस्ताव की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने तथा शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इसके संभावित क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग, राज्य विश्वविद्यालयों, तकनीकी विशेषज्ञों और डिजिटल प्रशासन विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आरसीएएस लागू होने पर यह राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार साबित होगा और राज्य को तकनीक आधारित उच्च शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

