राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष पर होंगे चार भव्य आयोजन, लोकतंत्र का अमृत महोत्सव मनाएगा प्रदेश

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राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष पर होंगे चार भव्य आयोजन, लोकतंत्र का अमृत महोत्सव मनाएगा प्रदेश


जयपुर, 19 मई (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अपने 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए विधानसभा की ओर से एक वर्ष तक चलने वाले “अमृत महोत्सव” के तहत चार बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह आयोजन लोकतंत्र, संसदीय परंपराओं और जनविश्वास का राष्ट्रीय उत्सव होगा।

मंगलवार को जयपुर स्थित विधानसभा भवन में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ राजस्थान शाखा की कार्यकारिणी समिति की बैठक में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।

बैठक में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि अमृत महोत्सव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह लोकतंत्र के इतिहास, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला ऐतिहासिक अवसर बनेगा। कार्यक्रमों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और संसदीय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन में परंपरा, नवाचार, महिला शक्ति, युवा ऊर्जा और लोकतांत्रिक मूल्यों का समागम देखने को मिलेगा।

अमृत महोत्सव का पहला बड़ा आयोजन जुलाई में होगा। इसमें पहली से लेकर 16वीं विधानसभा तक के पूर्व और वर्तमान विधायकों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में राजस्थान विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा, महत्वपूर्ण कानूनों, सामाजिक बदलावों और संसदीय परंपराओं पर चर्चा होगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान भी किया जाएगा। साथ ही विधानसभा के डिजिटल रूपांतरण और लोकतंत्र की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा।

अक्टूबर में होने वाला दूसरा बड़ा कार्यक्रम महिला विधायकों को समर्पित रहेगा। इसमें देशभर की महिला विधायक भाग लेंगी। सम्मेलन में नीति निर्माण, प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, महिला नेतृत्व, युवा महिला विधायकों की आकांक्षाएं और पूर्व महिला जनप्रतिनिधियों के अनुभव साझा किए जाएंगे। अमृत महोत्सव के तहत युवाओं को भी लोकतंत्र से जोड़ने की विशेष पहल की जाएगी। जनवरी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर संविधान जागरूकता प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र युवा संसद में भाग लेंगे।

इस दौरान युवाओं को संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संविधान के मूल्यों की जानकारी दी जाएगी।

अमृत महोत्सव का समापन राजस्थान दिवस 2027 पर “अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ” के रूप में किया जाएगा। इसमें देशभर के विधानमंडलों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और विधायी नेतृत्व को आमंत्रित किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह आयोजन भारतीय संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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