अजमेर में बारिश का असर : स्कूल की दीवार गिरी, 5 लग्जरी वाहन दबे

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अजमेर में बारिश का असर : स्कूल की दीवार गिरी, 5 लग्जरी वाहन दबे


अजमेर, 5 सितम्बर (हि.स.)। जिले में बारिश का दौर जारी रहने से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बारिश के चलते आर्यपुत्री स्कूल की दीवार गिरने से पांच लग्जरी वाहन दब गए। हालांकि हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। बारिश के बाद अजमेर के न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। लगातार बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी है। मौसम के मौजूदा मिजाज के बीच सितंबर में अजमेर में होने वाली बारिश को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पिछले 10 वर्षों के सितंबर माह के बारिश के आंकड़े बताते हैं कि जिले में इस महीने बारिश का पैटर्न उतार-चढ़ाव वाला रहा है। इस साल की बारिश की तुलना अब बीते वर्षों के आंकड़ों से की जा रही है। बारिश से स्कूल की दीवार गिरने की घटना ने जर्जर भवनों और दीवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन एवं संबंधित विभागों से ऐसे भवनों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने की उम्मीद है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित अजमेर और टोंक जिले की पेयजल लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में सितंबर की शुरुआत में भी पानी की आवक बनी हुई है। जलस्तर में मामूली उतार-चढ़ाव के बाद अब फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार 4 सितंबर को बीसलपुर बांध का गेज 314.08 मीटर और जलभराव 28.840 टीएमसी था, जो 5 सितंबर सुबह 6 बजे बढ़कर 314.10 मीटर और 28.978 टीएमसी हो गया। यानी 24 घंटे में 0.138 टीएमसी (करीब 13.8 करोड़ लीटर) पानी की बढ़ोतरी हुई। बांध का पूर्ण भराव स्तर 315.50 मीटर है। वर्तमान में बांध करीब 1.40 मीटर खाली है। वहीं 4 सितंबर को क्षेत्र में 26 एमएम बारिश दर्ज की गई तथा कुल बारिश का आंकड़ा 583 एमएम पहुंच गया। त्रिवेणी का जलस्तर 2.30 मीटर दर्ज किया गया है। इधर, क्षेत्र में बारिश के बाद दाखियां बांध से भी पानी ओवरफ्लो होना शुरू हो गया। प्राप्त सूचना के अनुसार 5 सितंबर को दोपहर करीब 1:15 बजे बांध पर लगभग 1.5 इंच (3.8 सेंटीमीटर) पानी की चादर बह रही थी। सितंबर में लगातार बनी पानी की आवक से बीसलपुर बांध के जलभराव में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। अब बांध के कैचमेंट क्षेत्र और त्रिवेणी नदी में होने वाली बारिश पर नजर बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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