रींगस खाटूश्यामजी मेले पर रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित की
जयपुर, 01 मार्च (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के रींगस पर आठ दिनाें तक रींगस में आयोजित खाटूश्यामजी लक्खी मेले के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक और सुनियोजित इंतज़ामों के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित की गई। इस अवधि में कुल 2.58 लाख यात्रियों ने रींगस रेलवे स्टेशन से यात्रा की तथा स्टेशन ने ₹3.40 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि पिछले वर्ष के ₹2.71 करोड़ और 2.28 लाख यात्रियों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देशानुसार खाटूश्यामजी लक्खी मेले के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक और सुनियोजित इंतज़ामों के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित की गई। उल्लेखनीय है कि महाप्रबंधक से अमिताभ ने खाटूश्यामजी मेले में व्यवस्थाओं को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किये थे।
मेले में ट्रेनों में आ रही ब्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए डीआरएम रवि जैन ने स्वयं रींगस जंक्शन पर मोर्चा सम्भाला। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो तथा रेलवे के प्रबन्ध के लिए डीआएम श्री रवि जैन ने रींगस जंक्शन पर व्यवस्थाए सभाली। लगातार वे भीड व ट्रेनो की मोनिटरिंग करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। साथ ही एडीआरएम श्री गौरव गौड व श्री अशफाक हुसैन अंसारी नें भी लगातार रींगस जंक्शन पर व्यवस्थाए सभाली।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए मात्र दो महीनों में 1000 यात्रियों की क्षमता वाला एक नया मेला शेल्टर तैयार किया गया। इस प्रकार कुल दो मेला शेल्टर उपलब्ध रहे जिनकी संयुक्त क्षमता 2000 यात्रियों की थी। मेला शेल्टर को भीड़ की दिशा और मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए विभाजित किया गया था, जिससे यात्रियों का आवागमन व्यवस्थित और सुरक्षित बना रहा।
मेले के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही। भीड़ प्रबंधन के लिए कुल 70 कमर्शियल स्टाफ, 200 आरपीएफ कर्मी, 200 जीआरपी जवान तथा 60 होमगार्ड तैनात किए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सभी व्यवस्थाएं संचालित की गईं।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म एंट्री और टिकट जांच व्यवस्था, टिकटिंग सुविधाओं का विस्तार, अत्यधिक यात्री भार का सफल प्रबंधन, स्पेशल ट्रेनों का संचालन, यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं देने से राजस्व और यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर कार्य निष्पादन और पूर्ण क्षमता के साथ यात्रियों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

