राधाष्टमी पर लाड़ली जी मंदिर में राधा जी के बालरूप के होंगे चरण दर्शन
जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। भाद्रपद शुक्ल अष्टमी पर शनिवार को राधाष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। छोटीकाशी के सभी प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, झांकी, भजन-कीर्तन और बधाई उत्सव के आयोजन होंगे। मुख्य आयोजन आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में होगा। सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में राधाष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा।
रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी मंदिर में ललित संप्रदाय पीठ के आचार्य संजय गोस्वामी के सान्निध्य में राधाष्टमी पर सुबह साढ़े पांच बजे राधारानी का पंचामृत से जन्माभिषेक होगा। सुबह 9.15 बजे पालना झांकी के दर्शन होंगे। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक दधिकादों बधाई उत्सव होगा। इसमें बर्तन, मेवा, फल, वस्त्र और खिलौने उछाले जाएंगे। ग्वारिया और हेरी समाज के कार्यक्रमों के साथ छप्पन भोग लगाया जाएगा। शाम 7 से रात 11.30 बजे तक पालना झांकी, भक्ति संगीत और बधाई पदगायन होगा।
जन्माभिषेक के बाद राधाजी को झुगली टोपी धारण कराई जाएगी। राधाष्टमी से त्रयोदशी तक राधाजी के बालरूप में चरण दर्शन होंगे। यह विशेष दर्शन वर्ष में इसी अवसर पर होते हैं। ललित संप्रदाय पीठ के आचार्य संजय गोस्वामी ने बताया कि संस्थापक आचार्य गोस्वामी वंशी अली महाराज को वृंदावन में लाड़लीजी की प्रतिमा प्राप्त हुई थी। बाद में गोविंदराम बोहरा ने मंदिर के लिए भवन भेंट किया और चैत्र बुदी 10 संवत 1823 में प्रतिमा की प्रतिष्ठा हुई।
पुरानी बस्ती के राध गोपीनाथ जी, चौड़ा रास्ता के राधा दामोदर जी, मदन गोपाल जी, चांदनी चौक स्थित बृज निधि जी, आनंद कृष्ण बिहारी जी, रामगंज चौपड़ स्थित मुरली मनोहर जी, बनीपार्क के राधा कृष्ण मंदिर सहित अन्य सभी कृष्ण मंदिरों भी राधाष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

