जेडीए में पाक विस्थापित परिवारों का धरना-प्रदर्शन
जोधपुर, 11 मई (हि.स.)। जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के बाहर सोमवार को पाक विस्थापित परिवारों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। उनकी बिजली, पानी, शोषण से मुक्ति की मांग थी। जब विस्थापित जेडीए पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और धक्का-मुक्की तक हो गई। आखिरकार आयुक्त ने भूखंड योजना का लाभ लेने की सलाह दी और उचित कारवाई का भरोसा दिया।
विस्थापितों का काफिला जब जेडीए पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें अंदर आने से रोका। विस्थापित परिसर में ही बैठ गए और पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने को कहा। इस दौरान जेडीए सचिव चंचल वर्मा उनसे मिलने आईं, लेकिन बात नहीं बनी। चेतना युवा मंडल के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीडऩ का शिकार होकर आए हिंदू शरणार्थियों के लिए हाईकोर्ट ने संरक्षण देने के आदेश दिए हैं। इसको लेकर 9 माह पहले यहां आए थे। जेडीए ने कहा था कि उनकी सभी परेशानियों का समाधान कर देंगे, जिसमें पांच से छह माह का समय लगेगा, लेकिन बाद में पता चला कि उन्होंने 300 लोगों के खिलाफ जेडीए में प्रदर्शन करने के आरोप में मामला दर्ज करवा दिया। फिर भी वे इंतजार करते रहे। अब वह समय भी पूरा हो गया है। अब फिर आयुक्त ने कहा है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
विस्थापितों ने बताया कि वे गंगाणा पाल, चौखा इलाके में पथरीली जगह पर रहते हैं, जहां पीने का पानी नहीं है। कई घरों में बिजली नहीं है। इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं, इसके बदले में नोटिस दिया जा रहा है। पाकिस्तान से आए सभी लोग मजदूरी कर बड़ी मुश्किल से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इधर जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि विस्थापित कच्ची बस्तियों में रहते हैं। उसके लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों के लिए एक भूखंड योजना बनाई गई है। इसमें बहुत कम लागत पर प्लॉट उपलब्ध हैं। इन लोगों को इस योजना का लाभ लेना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

