राज्य सरकार की पहल पर प्रगतिशील किसान ने की डेनमार्क की यात्रा, जानी कृषि की नवीनतम तकनीकें

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राज्य सरकार की पहल पर प्रगतिशील किसान ने की डेनमार्क की यात्रा, जानी कृषि की नवीनतम तकनीकें


बीकानेर, 06 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि और कृषक कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा गत दो वर्षों में कृषकों को खेती की नई तकनीकों से जोड़ने के लिए अनेक नवाचार किए हैं। इसी श्रृंखला में किसानों को अन्य देशों में भेजकर वहां की नवीनतम कृषि तकनीकों से किसानों को रू-ब-रू करवाने के लिए नॉलेज एनहांसमेंट कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसका लाभ प्रदेश भर के प्रगतिशील किसानों को मिल रहा है। इसी श्रृंखला में बीकानेर के युवा किसान वीरेन्द्र लुणू ने भी राज्य सरकार की अभिनव योजना के तहत डेनमार्क का दौरा किया और वहां की खेती तकनीकों को जाना एवं समझा।

बीकानेर जिले के बेलासर गांव का युवा किसान वीरेन्द्र लुणू अपने पिता की देखरेख में पारम्परिक तरीके से कृषि कार्य करने के अलावा भेड़-बकरियों की देखरेख करता है। परम्परागत ढंग से कृषि कार्य करते हुए वीरेन्द्र आशातीत आर्थिक लाभ नहीं ले पा रहा था। इसके बाद उसने कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं इनका लाभ लिया।

सबसे पहले उसने एक हैक्टेयर क्षेत्र में सामुदायिक जल स्त्रोत निर्माण की सहायता प्राप्त क। सामुदायिक जल स्त्रोत से वर्षा जल का संरक्षण किया। सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों का उपयोग करते हुए परम्परागत खेती से हटकर सब्जियों की खेती प्रारम्भ की। उसने कृषि तथा पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों के साथ बीकानेर स्थित केन्द्रीय कृषि संस्थानों में संपर्क भी किया।

इस दौरान उसने समन्वित कृषि प्रणाली के महत्त्व को जाना और उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग किया। उसने समन्वित कृषि उद्यान व पशुपालन तकनीक को अपनाया और जल की बचत करते हुए परंपरागत कृषि व सब्जियों की खेती प्रारंभ की। लुणू राज्य के पहले लाभार्थी के रूप में 'नेशनल लाइव स्टॉक मिशन' के तहत चयनित हुए और वैज्ञानिक रूप से 400 से अधिक भेड़ बकरियों का पालन प्रारंभ किया।

लुणू वर्तमान में परम्परागत खेती और सब्जियों के उत्पादन के साथ मुर्गी, मछली और खरगोश पालन कर कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। लुणू के इस कार्य में समर्पण को देखते हुए उसका चयन राज्य सरकार के नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत हुआ तथा कृषि और पशुपालन से जुड़ी नई तकनीकों का प्रशिक्षण राज्य सरकार द्वारा उसे निःशुल्क डेनमार्क से भेजा गया।

डेनमार्क में गत 8 से 15 अक्टूबर तक आयोजित प्रशिक्षण के दौरान लुणू ने उन्नत डेयरी फार्म, ग्रीन हाउस खेती, जर्सी गाय पालन और फूलों की आधुनिक खेती प्रणाली का अध्ययन किया। डेनमार्क से प्राप्त मार्गदर्शन को लुणू बेलासर में धरातल पर उतरने का प्रयास शुरू भी कर दिया है। लुणू सभी प्रकार के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार जताते हैं और कहते हैं कि एक भेड़-बकरी पालने वाले को विदेश भेजना सरकार के कृषण कल्याण की दूरगामी सोच को दर्शाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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