चित्तौड़गढ़: जनगणना के पहले चरण में करीब तीन हजार कार्मिक तैनात, हुई व्यापक तैयारियां
चित्तौड़गढ़, 18 अप्रैल (हि.स.)। देश के इतिहास में पहली बार डिजिटल जनगणना हो रही है। आठवीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। इसको लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और प्रशासन स्तर पर व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। करीब तीन हजार कर्मचारियों की ड्यूटी इसमें लगाई गई है।
उप जिला जनगणना अधिकारी जिला सांख्यिकीय अधिकारी शबनम खोरवाल ने बताया कि आगामी 1 मई से शुरू जिले में जनगणना शुरू होने जा रही है। इस डिजिटल जनगणना के लिए जिले में करीब तीन हजार कार्मिकों की तैनाती की गई है। इनमें 2500 प्रगणक, 450 सुपरवाइजर, 19 चार्ज स्तर के अधिकारी ( 12 तहसीलदार एवं 7 ईओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं), 60 फील्ड ट्रेनर तथा 2 मास्टर ट्रेनर शामिल किए गए हैं। इन सभी को विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि डिजिटल प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
जिला सांख्यिकीय अधिकारी शबनम खोरवाल ने बताया कि डिजिटल जनगणना का प्रथम दौर का प्रथम चरण एक से 15 मई तक स्वगणना के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक परिवार का मुखिया अपने मोबाइल फोन के माध्यम से सीएमएमएस पोर्टल पर लॉगिन कर कुल 34 प्रश्नों के उत्तर स्वयं दर्ज करेगा। इन प्रश्नों में घर की स्थिति, आय, वाहन तथा अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी।इसके बाद दूसरे चरण में 16 मई से 15 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे और आवश्यक सत्यापन का कार्य करेंगे, जिससे आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया की जनगणना का दूसरा दौर सितंबर-अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होगा, जो मार्च 2027 तक जारी रहेगा। इस दौरान विस्तृत जनसंख्या से संबंधित आंकड़े संकलित किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

