बच्चे करेंगे अकाल-सुकाल की भविष्यवाणी

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बच्चे करेंगे अकाल-सुकाल की भविष्यवाणी


890 साल पुरानी परंपरा धणी का कल होगा आयोजन, बच्चे बताएंगे भविष्य के हालात

जोधपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। जोधपुर में घांची समाज की ओर से 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर बाईजी का तालाब स्थित घांची समाज बगीची में धणी का आयोजन होगा। इसमें अकाल-सुकाल और राजनीतिक उठापटक को लेकर भी भविष्यवाणी की जाएगी। जोधपुर में ये परम्परा वर्षों पुरानी है। जिसमें अकाल और सुकाल को लेकर अनुमान लगाया जाएगा।

दरअसल इस काम के लिए दो बच्चों को गीले वस्त्रों में यज्ञ शाला में खड़ा किया जाता है। उनके हाथों में बांस की दो खपचियां जिन पर कुमकुम लगा होता है। दोनों खपचियों में एक पर कुमकुम तो एक पर काजल लगाई जाती है। कुमकुम लगी खपची को सुकाल (अच्छा जमाना) व काजल लगी खपची को काल (अकाल) के रूप में दर्शाया जाता है। उसके नीचे बनी मिट्टी की वेदी पर सात तरह के अनाज, गुड़ व पताशों के साथ रखे जाते हैं। घांची महासभा अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सोलंकी ने बताया समाज की स्थापना 890 साल पहले हुई थी। तब से समाज की और से ये कार्यक्रम धूमधाम से मनाया जा रहा है। आस्था के साथ भविष्यवाणी की सदियों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले समय में अकाल-सुकाल की भविष्यवाणी अनुष्ठान से की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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