जयपुर में 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह, मुख्यमंत्री का निमंत्रण ‘पधारो म्हारे देस’

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जयपुर में 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह, मुख्यमंत्री का निमंत्रण ‘पधारो म्हारे देस’


जयपुर में 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह, मुख्यमंत्री का निमंत्रण ‘पधारो म्हारे देस’


बेंगलुरु/जयपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की मिट्टी की खुशबू पूरी दुनिया में फैला रहे हैं और अपनी संस्कृति, परंपरा एवं ऐतिहासिक गौरव को भी प्रतिष्ठित कर रहे हैं। प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और योगदान की भावना को ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान में दिखाया है और पूरे उत्साह, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी भागीदारी भी निभाई है। राजस्थान से अपने अटूट नाते के साथ जल संरक्षण के क्षेत्र में सामाजिक सरोकार के कार्यों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से राजस्थान की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री रविवार को बेंगलुरु में आयोजित प्रवासी राजस्थानी संगम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रवासी भारतीय समुदाय को देश का ब्रांड एंबेसडर मानते हैं। मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान सऊदी अरब, दुबई, रियाद और बहरीन में प्रवासी राजस्थानी चैप्टर्स द्वारा भारतीयों की सहायता के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने लोगों के ठहरने की व्यवस्था से लेकर उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी तक सहयोग दिया। यह हमारी संस्कृति के सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान तेज आर्थिक विकास कर रहा है और देश के अग्रणी राज्यों के रूप में उभर रहा है। राजस्थान देश की 7वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 12 प्रतिशत से अधिक है और प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 2030 तक 350 बिलियन डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कारोबार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनमें एमएसएमई के लिए कन्सेंट टू ऑपरेट की अधिकतम समय सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन तथा बड़े उद्यमों के लिए 60 दिन करना शामिल है। वहीं, अप्रदूषणकारी व्हाइट कैटेगरी उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 की गई है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की सुविधा के लिए राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली राज निवेश के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं का विस्तार किया गया है। राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026 के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों के सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी, राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2024 और एक जिला-एक उत्पाद पॉलिसी के माध्यम से उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी मिट्टी को याद रखता है, उसकी मिट्टी भी उसे कभी नहीं भूलती। इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स विभाग का गठन कर प्रवासी राजस्थानियों से नियमित समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने के इच्छुक प्रवासियों की सुविधा के लिए राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल शुरू किया गया है। विदेश मंत्रालय के सहयोग से जयपुर में विदेश संपर्क कार्यक्रम आयोजित कर प्रवासियों की चुनौतियों के समाधान पर विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के बाद प्रवासी राजस्थानियों का सहयोग बढ़ा है। बेंगलुरु की टेक्नोलॉजी और राजस्थान की उद्यमशीलता को मिलाकर विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापार केवल ट्रांजेक्शन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह ट्रांसफॉर्मेशन का माध्यम भी बनना चाहिए। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से व्यापार को केवल बैलेंस शीट तक सीमित ना रखकर सेवा और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से राजस्थान को समृद्ध बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसम्बर 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया और कहा कि उनके अनुभव, सुझाव और सहभागिता के जरिए राजस्थान की विकास यात्रा को और गति मिलेगी। साथ ही, कर्नाटक में राजस्थान भवन की स्थापना की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों को स्थायी सांस्कृतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक केंद्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कर्नाटक सरकार से संपर्क किया गया है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राजस्थान फाउंडेशन के बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांड्या ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी संगम कार्यक्रम व्यापार, विकास और संस्कृति का ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के बाहर शुरू की गई ई-मित्र सेवा से प्रवासी राजस्थानियों को काफी फायदा मिल रहा है। प्रवासी राजस्थानी अपनी जन्मभूमि राजस्थान को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में पूरा सहयोग प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम में सांसद डॉ. सतीश पूनिया, लहर सिंह सिरोया, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर, ख्यातनाम संगीतकार डॉ. रिकी केज, राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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