अजमेर में मेयर की कुर्सी पर सियासी घमासान, बकाया राशि की आपत्ति से गरमाया निगम
अजमेर, 17 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम की मेयर की कुर्सी पर कब्जे की जंग अब नामांकन जांच के दौरान आपत्तियों और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है। गुरुवार को भाजपा की मेयर प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के खिलाफ बकाया राशि का मुद्दा उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई।
निगम परिसर में आपत्ति पर सुनवाई के दौरान दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। बाहर नारेबाजी और हंगामे के बीच भारी पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा।
भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा की ओर से दर्ज आपत्ति में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के गढ़वाल पैलेस पर नगर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि वर्ष 2018 से बकाया है। भाजपा की ओर से दावा किया गया कि बकाया राशि के नोटिस भी जारी हो चुके हैं। अनामिका शर्मा ने निगम अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नामांकन में बकाया राशि की जानकारी छिपाई गई है।
आपत्ति पर सुनवाई के दौरान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, पार्टी कार्यकर्ता और अनामिका शर्मा की ओर से अधिवक्ता मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी पर लाखों रुपए बकाया होने के बावजूद निगम की ओर से एनओसी जारी की गई, जो गलत है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के पति दिलीप गढ़वाल ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने एनओसी जारी की है और एनओसी देने से पहले 24 हजार तथा 27 हजार रुपए जमा कराने को कहा गया था, जिन्हें जमा करा दिया गया। उन्होंने कहा कि बकाया राशि को लेकर स्थगन आदेश चल रहा है और हार की बौखलाहट में इस तरह के मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
आपत्ति की जानकारी मिलते ही
कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम भवन के बाहर पहुंच गए और धरना देकर विरोध जताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के समर्थन में नारे लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सहित पुलिस के आला अधिकारी निगम परिसर पहुंचे। विभिन्न थानों और पुलिस लाइन से पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। निगम के गेट पर बैरिकेडिंग की गई और परिसर में मौजूद लोगों को बाहर भेजा गया। दोनों दलों के समर्थकों के आमने-सामने आने से माहौल गरमा गया।
निगम की नई बिल्डिंग के एक कक्ष में दोनों मेयर प्रत्याशी, प्रस्तावक, विधि सलाहकार और अधिकारी आपत्ति पर चर्चा करते रहे, जबकि बाहर समर्थकों के बीच हंगामा चलता रहा। कांग्रेस प्रत्याशी के पति दिलीप गढ़वाल भी परिवार के सदस्यों के साथ निगम कार्यालय पहुंचे और सुनवाई वाले कक्ष में गए। अजमेर नगर निगम में मेयर पद के लिए कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल और भाजपा ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था। गुरुवार को नामांकन की जांच की जा रही है। मेयर का चुनाव 21 सितंबर को पार्षदों के मतदान से होगा और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा।
80 वार्डों वाले निगम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और निर्दलीय 11 पार्षद हैं। मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से 4 वोट और भाजपा 9 वोट दूर है। दोनों दलों के लिए 11 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण हो गया है। मेयर चुनाव से पहले दोनों दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटे हैं। कांग्रेस के पार्षदों को जयपुर के बाद बेंगलुरु ले जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि भाजपा पार्षद भी जयपुर में बाड़ेबंदी में रहे। अब नामांकन जांच के दौरान सामने आई आपत्ति ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

