जेएलएफ में साहित्यिक संवाद सत्र पोएट्री–खुद से बात का आयोजन

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जेएलएफ में साहित्यिक संवाद सत्र पोएट्री–खुद से बात का आयोजन


जयपुर, 15 जनवरी (हि.स.)। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के बागान वेन्यू में साहित्यिक संवाद सत्र पोएट्री –खुद से बात का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कवि एवं पीआर एक्सपर्ट जगदीप सिंह ने लेखिका,कवयित्री और प्रकाशक अंशु हर्ष से उनके साहित्यिक सफ़र और लेखन अनुभवों पर आत्मीय संवाद किया। इसी सत्र में अंशु हर्ष के पहले नॉवल इच्छा मृत्यु का लोकार्पण भी किया गया। जिसे प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था वाणी प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। पुस्तक का विमोचन वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक माला श्री लाल द्वारा किया गया।

संवाद के दौरान जगदीप सिंह ने अंशु हर्ष से कविता से नॉवल तक की रचनात्मक यात्रा को लेकर सवाल किए। अंशु हर्ष ने बताया कि कविता भावनाओं का तात्कालिक रूप होती है, जबकि नॉवल एक लंबी और गहन प्रक्रिया है, जिसमें पात्रों के साथ जीना पड़ता है। “इच्छा मृत्यु” जीवन मृत्यु के संघर्ष की कहानी है, जो पाठक को भीतर तक सोचने के लिए प्रेरित करेगी।

अपनी पुस्तक समंदर – दी ओशन में कविताओं के अंग्रेज़ी अनुवाद पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अनुवाद साहित्य को सीमाओं से बाहर ले जाता है और अलग-अलग भाषाओं व संस्कृतियों के बीच सेतु का काम करता है। सही अनुवाद मूल भावना को जीवित रखते हुए रचना को नए पाठकों तक पहुँचाता है। 2013 में प्रकाशित अपनी पहली पुस्तक से अब तक के सफ़र पर बोलते हुए अंशु हर्ष ने कहा कि समय और अनुभव ने उनके विचारों को और अधिक परिपक्व बनाया है। पहले लेखन अधिक व्यक्तिगत था, जबकि अब उसमें सामाजिक सरोकार और मानवीय दृष्टि अधिक गहराई से शामिल हुई है।

कविता लिखना खुद से बात करना होता है” इस कथन पर उन्होंने कहा कि कविता आत्मसंवाद का माध्यम है। जब कवि लिखता है, तो वह अपने भीतर की सच्चाइयों से रूबरू होता है। वो साहसी होता है कि वो अपनी बात कह पाता है ।यही कारण है कि कविता पाठक और लेखक दोनों के लिए संवेदनात्मक अनुभव बन जाती है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे और सत्र को सराहना मिली।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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