अन्नदाताओं के लिए संकटमोचक बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

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अन्नदाताओं के लिए संकटमोचक बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना


प्रदेश के 62 लाख 58 हजार किसानों की मजबूत ढाल बनी योजना

जयपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन हुआ है। इसके माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को हुए नुकसान की स्थिति में लाखाें किसानों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। राजस्थान में देश में सबसे अधिक लगभग 62 लाख 58 हजार किसानों को योजना में नामांकित किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में राज्य के लगभग 2 करोड़ 82 लाख हेक्टेयर सकल फसली क्षेत्र में 1 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को योजना के अंतर्गत बीमित किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है। राज्य के कुल फसली क्षेत्र में बीमित क्षेत्र 36 प्रतिशत है, जो देश के औसत 32 प्रतिशत से बेहतर है। यह प्रतिशत झारखंड और छत्तीसगढ़ के बाद सबसे अधिक है।

राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष 2025-26 में चूरू में 13 लाख 35 हजार हेक्टेयर से अधिक, बाड़मेर में 11 लाख 48 हजार हेक्टेयर व बीकानेर में 9 लाख 27 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को बीमित किया गया है। चूरू में 77 प्रतिशत, बाड़मेर में 69 प्रतिशत और नागौर में 47 प्रतिशत सकल फसली क्षेत्र का बीमा कवरेज हुआ है।

राज्य में वर्ष 2025-26 तक गत पांच वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत कुल 5 करोड़ 21 लाख हेक्टेयर से अधिक का बीमित क्षेत्र दर्ज किया गया तथा किसानों द्वारा 4 हजार 650 करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम हिस्सा जमा किया गया, जो देशभर में सबसे अधिक है। इस दौरान राज्य में 18 करोड़ 81 लाख से अधिक आवेदन नामांकित हुए और किसानों को 18 हजार 189 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया गया।

राज्य में वर्ष 2024-25 व 2025-26 में फसल बीमा का दायरा व्यापक हुआ है और राज्य सरकार द्वारा किसानों तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। इस दौरान खरीफ और रबी सीजन को मिलाकर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की 7 करोड़ 53 लाख से अधिक की फसल पॉलिसियां जारी की गईं। इसमें बीमा दावों के अंतर्गत 4 हजार 498 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की गई।

राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण यह योजना प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को सशक्त करते हुए एक मजबूत ढाल बनी है। मौसम की अनिश्चितता, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि सहित विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मिल रहे बीमा कवरेज से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (ओलावृष्टि, सूखा, अकाल), कीटों और बीमारियों के कारण फसल के नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें किसानों को लागत प्रभावी प्रीमियम पर फसल बीमा दिया जाता है। योजना के तहत किसान, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर प्रीमियम का भार वहन करते हैं। अगर बीमित फसल को निर्धारित जोखिमों के कारण नुकसान होता है, तो पात्र किसान को बीमा दावे के माध्यम से आर्थिक राहत दी जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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