पायलट कही नहीं जाएंगे, वे कांग्रेस में थे, है और रहेंगे : अशोक गहलोत

WhatsApp Channel Join Now
पायलट कही नहीं जाएंगे, वे कांग्रेस में थे, है और रहेंगे : अशोक गहलोत


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावे के साथ कहा है कि सचिन पायलट कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में रहेंगे। जो पहले गुमराह कर हमारे लोगों को मानेसर ले गए थे उनके मन की मन में ही रह जाएगी। सचिन पायलट को अनुभव हो गया है कि इस प्रकार की गलती करने के क्या अंजाम होते हैं। इसलिए अब वो समझ गए हैं, संभल भी गए हैं। मैं उम्मीद करता हूं अब वो हमें छोड़ के कभी नहीं जाएंगे और हमारी पूरी पार्टी उनके साथ एकजुट है।

गहलोत सोमवार को एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के सोमवार को टोंक में पायलट पर तंज कसते हुए दिए गए बयान पर गहलोत ने यह बात कही। अग्रवाल ने कहा था कि पायलट टोंक के स्थानीय विधायक हैं, वे बहुरूपिया हैं, उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है, एक जाने कहां रहती है। जयपुर एयरपोर्ट पर गहलोत ने बीजेपी प्रदेश प्रभारी के बयान पर पलटवार करते हुए पायलट के कांग्रेस में ही रहने और अब उनके संभलने और समझने की बात कही। गहलोत ने कहा कि “उनकी दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और आगे भी कांग्रेस में ही रहेंगी।”

उन्होंने संकेत दिया कि जो लोग पहले भटक गए थे, वे अब वापस पार्टी में आएंगे।

इस दौरान गहलोत ने भाजपा और चुनावी प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर कहा कि वहां “हथकंडों वाला चुनाव” हो रहा है और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गहलोत ने कहा कि अभी परिणाम को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। चार तारीख का इंतजार कीजिए, वहां कड़ी टक्कर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में धन का दुरुपयोग हो रहा है।

उन्होंने ईसीआई की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद इस तरह का माहौल कभी नहीं देखा, चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष चुनाव कराए। गहलोत ने कहा कि सड़कों पर भारी सुरक्षा बलों और बख्तरबंद गाड़ियों की तैनाती से डर का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को धमकाया जा रहा है और वोटिंग प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा जीतती है तो यह उनकी जीत नहीं बल्कि उनके हथकंडों की जीत होगी। वहीं अगर चुनाव आयोग निष्पक्षता बनाए रखने में असफल रहता है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत होगा।

गहलोत ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ परिस्थितियों और शिकायतों के कारण भाजपा को बंगाल में घुसपैठ का मौका मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी षड्यंत्रों के जरिए सरकारों को गिराने की कोशिशें हुई हैं।

गहलोत के बयान से साफ है कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। उन्होंने एक ओर पार्टी एकजुटता का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Share this story