हाईकोर्ट भवन के पुनर्वास कार्य में तेजी लाएं, सुरक्षा से समझौता नहीं : मुख्य सचिव

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हाईकोर्ट भवन के पुनर्वास कार्य में तेजी लाएं, सुरक्षा से समझौता नहीं : मुख्य सचिव


हाईकोर्ट भवन के पुनर्वास कार्य में तेजी लाएं, सुरक्षा से समझौता नहीं : मुख्य सचिव


जयपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर स्थित प्रधान पीठ के भवन के संरचनात्मक पुनर्वास और सुरक्षा कार्यों को लेकर सरकार ने रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सभी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तय समय में पूरा करने और उच्च न्यायालय के निर्देशों की बिंदुवार अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि भवन की संरचनात्मक सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त कर उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन निर्माण में हुए व्यय और निर्माण के दौरान सामने आई कमियों की समीक्षा करते हुए जहां आवश्यक हो, जवाबदेही तय करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने को कहा।

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि उच्च एवं मध्यम संवेदनशील क्षेत्रों में 27.41 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण के संरचनात्मक पुनर्वास कार्य आईआईटी बॉम्बे द्वारा अनुमोदित तकनीकी पद्धति के अनुसार किए जा रहे हैं। प्रथम तल के 24 कोर्ट रूम में से 17 का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा रूफ वाटरप्रूफिंग, सेंट्रल डोम सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और पुनर्वास के कार्य भी जारी हैं।

बैठक में बताया गया कि द्वितीय चरण के कार्यों के लिए 30.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। इन कार्यों को 20 सितंबर से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। सेंट्रल डोम को लेकर अंतरिम नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट में तत्काल ढहने का जोखिम नहीं पाया गया है। हालांकि आईआईटी बॉम्बे की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस मामले को लेकर यह तीसरी समीक्षा बैठक थी। बैठक में 17 अगस्त को दिए गए निर्देशों की अनुपालना और एक्शन टेकन रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आगामी सुनवाई को देखते हुए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तथ्यात्मक और अद्यतन प्रगति रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने 10 अगस्त 2026 को जोधपुर स्थित प्रधान पीठ के भवन के सेंट्रल डोम और अन्य संरचनात्मक कमियों से जुड़े मामले में स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से भवन की सुरक्षा, पुनर्वास और न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना की नियमित समीक्षा की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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