निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर सात मई को शिक्षा संकुल पर जुटेंगे अभिभावक

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निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर सात मई को शिक्षा संकुल पर जुटेंगे अभिभावक


जयपुर, 05 मई (हि.स.)। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर प्रदेशभर में असंतोष गहराता जा रहा है। ऑनलाइन लॉटरी जारी होने के 50 दिन बाद भी करीब 1.90 लाख बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पाने पर संयुक्त अभिभावक संघ ने इसे सरकार और शिक्षा विभाग की गंभीर विफलता बताते हुए सात मई को जयपुर स्थित शिक्षा संकुल, जेएलएन मार्ग के मुख्य द्वार पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि इस वर्ष आरटीई के तहत 6 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से करीब 2.40 लाख बच्चों का चयन 12 मार्च को लॉटरी के माध्यम से किया गया। इसके बावजूद अब तक बड़ी संख्या में बच्चों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 50 दिनों में हजारों अभिभावक शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक लगातार संपर्क कर चुके हैं, लेकिन न तो कोई ठोस समाधान मिला और न ही संतोषजनक जवाब। कई निजी स्कूल संचालक चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों में रोष है।

अभिभावकों का कहना है कि एक ओर स्कूल प्रबंधन फीस पुनर्भरण (रीइम्बर्समेंट) नहीं मिलने का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिकायत करने पर अभिभावकों को धमकाने तक की शिकायतें सामने आई हैं। संघ ने इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है।

संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 50 दिनों तक बच्चों को प्रवेश नहीं मिलना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीई जैसे महत्वपूर्ण कानून को केवल कागजों तक सीमित कर दिया गया है, जिससे लाखों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

संघ ने चेतावनी दी है कि 7 मई को आयोजित होने वाला यह एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन है, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावक और विद्यार्थी शामिल होंगे। यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज करते हुए धरना और आमरण अनशन जैसे कदम उठाए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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