खेजड़ली के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, रक्तदान व पौधारोपण किया

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खेजड़ली के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, रक्तदान व पौधारोपण किया


जोधपुर, 21 सितम्बर (हि.स.)। पेड़ों की रक्षार्थ 296 साल पहले जोधपुर से 28 किमी दूर खेजड़ली में प्राणोत्सर्ग करने वाले 363 शहीदों की स्मृति में सोमवार को मेले का आयोजन किया गया। मेले में देश भर से आए विश्नोई समाज के लोगों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने 363 लोगों की याद में बने शहीदी स्मारक पर शीश नवाया व पर्यावरण संरक्षण के लिए हवन में आहुतियां प्रदान की।

खेजड़ली राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान के अध्यक्ष मलखान सिंह बिश्नोई ने बताया कि सुबह रुडक़ली महन्त शिवदास व खेजड़ली महन्त एवं लालासर साथरी महन्त कथावाचक स्वामी सच्चिदानन्द आचार्य सहित अन्य संतों के सानिध्य में गुरु जम्भेश्वर शब्दवाणी व वैदिक मंत्रोच्चार से हवन किया गया। घी खोपरा व हवन सामग्री से मेले में पूरे दिन हजारों लोगों ने आहुतियां देकर अपने प्रकृति रक्षार्थ 363 अमर बलिदानियों को याद किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। यहां विश्नोई धर्मगुरुओं के सानिध्य में गुरु जम्भेश्वर की 120 शब्द की वाणी व वैदिक मंत्रोच्चार से हवन के बाद शहीदी स्थल पर ध्वजारोहण कर मेले की शुरुआत की गई। यहां पर्यावरण रक्षार्थ विष्णु हवन कुंड में आहुतियां व परिक्रमा कर अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

साथ ही खेजड़ली परिसर में नवनिर्मित जम्भेश्वर मंदिर में पर्यावरण प्रेमियों ने परिक्रमा देकर गुरु जंभेश्वर के बताए मार्ग व 29 नियमों की आचार संहिता पर चलने का संकल्प लिया। इसके साथ ही यहां पर्यावरण सभा का आयोजन किया गया जहां पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण के साथ सामाजिक व शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय लोगों को सम्मानित भी किया गया।

बिश्नोई टाईगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्थान बिश्नोई टाईगर फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद ने बताया कि हरे वृक्ष रक्षार्थ 363 अमर शहीदों की याद में पर्यावरण प्रेमियों द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें रक्तदान करके हरियालोराजस्थान के तहत पौधारोपण गया।

शिविर के मंच पर सभी रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। मेले में दूर-दूर से पर्यावरणविद् सहित बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शहीदों के स्मारक पर सामूहिक पर्यावरण यज्ञ में आहुति देकर श्रद्धांजलि दी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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