बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से राजस्थान में मानसून सक्रिय, आज 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से राजस्थान में मानसून सक्रिय, आज 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से राजस्थान में मानसून सक्रिय, आज 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


जयपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान में मानसून फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से इस सिस्टम का असर और बढ़ेगा, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 31 जुलाई और एक अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह तक प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा।

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पूर्वी भारत के ऊपर बना डीप डिप्रेशन कमजोर होकर अब डिप्रेशन में बदल गया है। वर्तमान में यह सिस्टम उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उससे सटे छत्तीसगढ़ क्षेत्र के ऊपर स्थित है तथा अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग में अगले पांच से छह दिनों तक मध्यम से तेज तथा कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक 40 मिमी वर्षा प्रतापगढ़ जिले में मापी गई। दौसा के बांदीकुई में 36 मिमी, बैजूपाड़ा में 23 मिमी, अलवर के टहला में 20 मिमी तथा मालाखेड़ा में 15 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर करीब 40 मिनट तक तेज बारिश हुई। सांगानेर एयरपोर्ट पर 25 मिमी, जेएलएन मार्ग पर 22 मिमी, आमेर में 30 मिमी, जमवारामगढ़ में 11 मिमी तथा फुलेरा और माधोराजपुरा में 6-6 मिमी वर्षा मापी गई।

तेज बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति भी बनी रही।

सवाई माधोपुर में लगातार दो दिन की बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। रणथंभौर क्षेत्र के अमरेश्वर, सोलेश्वर, झोझेश्वर और सीता माता क्षेत्र में झरने बहने लगे हैं, जिन्हें देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वहीं गुरुवार तड़के श्रीगंगानगर में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई।

दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस का असर अभी भी बना हुआ है। बुधवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रहा। बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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