उत्तर पश्चिम रेलवे पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा, यात्रियों को मिल रही बेहतर सुविधाएं
जयपुर, 25 मई (हि.स.)।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेलवे टिकट, पार्सल, रिटायरिंग रूम, गुड्स तथा अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर माल लदान और पार्सल बुकिंग में शत प्रतिशत डिजिटल पेमेंट का उपयोग हो रहा है। इंटरनेट से बुक होने वाले टिकटों (इंटरनेट पर लगभग 88 प्रतिशत टिकट बुक हो रहे है) के अलावा आरक्षित टिकट बुकिंग में लगभग 22 प्रतिशत और अनारक्षित टिकट बुकिंग में लगभग 16 प्रतिशत तक डिजिटल पेंमेंट से भुगतान प्राप्त हो रहा है। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जालोर से पहली बार जयपुर और दिल्ली से सीधा संपर्क स्थापित करने वाली भुज-दिल्ली रेलसेवा को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर जालोर-पाली मारवाड़-दिल्ली उद्घाटन स्पेशल ट्रेन से यात्रा करते हुए लूनी स्टेशन पर स्थित फूड स्टॉल पर रसगुल्ले का पेमेंट डिजिटल माध्यम से किया। रेलमंत्री द्वारा आमजन द्वारा डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहित करने का संदेश प्रदान किया है। साथ ही यह रेलवे परिसर में तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण के प्रतीकात्मक रूप को भी दर्शाता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारों को कम करने और ”डिजिटल इंडिया“ अभियान को मजबूत बनाने के लिए अनारक्षित टिकट काउंटरों, पार्सल कार्यालयों, फुड स्टॉल तथा अन्य सेवा केंद्रों पर डायनामिक क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली शुरू की गई है। इससे यात्री अब टिकट खिड़की पर ही आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होने के साथ सुविधा भी बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख स्टेशनों के आरक्षण टिकट काउंटरों पर पीओएस मशीनों के माध्यम से पहले से ही डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त कई स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के जरिए भी यात्री डिजिटल माध्यम से अनारक्षित टिकट प्राप्त कर रहे हैं। क्यूआर आधारित भुगतान प्रणाली से खुले पैसे की समस्या समाप्त हो रही है तथा यात्रियों को कम समय में पारदर्शी और सुरक्षित टिकट सेवा मिल रही है। इसके साथ ही रेलवन एप और आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट बुक करवाने पर भी डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिल रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के 603 स्थानों पर डिजिटल भुगतान के लिए डायनामिक क्यूआर कोड सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। यात्री अब पेटीएम, गूगल पे और फोनपे जैसे लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से भुगतान कर रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट काउंटरों तथा पार्सल कार्यालयों में क्यूआर कोड सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे डिजिटल लेनदेन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
रेलवे प्रशासन द्वारा डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए सोशल मीडिया, जागरूकता अभियानों और रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से यात्रियों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है।
रेल का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

