कबाड़ से कलाकृति तक : उत्तर पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों ने दिया स्वच्छता और रचनात्मकता का अनूठा संदेश

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कबाड़ से कलाकृति तक : उत्तर पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों ने दिया स्वच्छता और रचनात्मकता का अनूठा संदेश


कबाड़ से कलाकृति तक : उत्तर पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों ने दिया स्वच्छता और रचनात्मकता का अनूठा संदेश


जयपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा स्वच्छता को निरंतर चलने वाला अभियान मानते हुए रेल परिसरों को स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के पश्चात आयोजित किए जा रहे स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत 'स्वच्छता से समृद्धि' की अवधारणा को साकार करते हुए अनुपयोगी रेलवे स्क्रैप से आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया जा रहा है। यह पहल न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि अनुपयोगी सामग्री के रचनात्मक पुनः उपयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, रेलवे के विभिन्न कारखानों, अनुरक्षण डिपो एवं अन्य इकाइयों में ट्रेनों के अनुरक्षण और मरम्मत के दौरान निकलने वाले अनुपयोगी पुर्जों एवं कबाड़ का उपयोग आकर्षक कलाकृतियां बनाने में किया जा रहा है। इस अभिनव पहल से एक ओर जहां कबाड़ का रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर रेलवे परिसरों का सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के भगत की कोठी स्थित डीजल शेड के तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए रेल इंजन के अनुपयोगी स्पेयर पार्ट्स से अनेक आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया है। इन कलाकृतियों को तैयार करने में स्प्रिंग, बेयरिंग, नट, बोल्ट सहित विभिन्न प्रकार के स्क्रैप का उपयोग किया गया है।

डीजल शेड के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों में 'मेक इन इंडिया' का प्रतीक शेर, पश्चिमी राजस्थान में पाया जाने वाला चिंकारा, रोबोट, स्टीम लोको ट्रॉली, हंस तथा भारत का नक्शा प्रमुख हैं। इन कलाकृतियों को डीजल शेड परिसर में सजावट के रूप में स्थापित किया गया है, जो परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ संसाधनों के पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही हैं।

रेलवे कर्मचारियों की यह पहल दर्शाती है कि अनुपयोगी समझी जाने वाली सामग्री का भी रचनात्मक उपयोग कर उसे आकर्षक एवं उपयोगी स्वरूप दिया जा सकता है। 'वेस्ट टू आर्ट' की यह अवधारणा स्वच्छता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन तथा कार्यस्थल को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे यात्री सुविधाओं में सुधार और बेहतर रेल कार्यप्रणाली के साथ-साथ स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधाजनक रेल परिसरों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। रेलवे कर्मचारियों की ऐसी अभिनव पहलें स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायक संदेश दे रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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