रात 11 बजे के बाद ट्रेन में नहीं होगी मोबाइल चार्जिंग, पावर बैंक फटने के बाद रेलवे सख्त

WhatsApp Channel Join Now
रात 11 बजे के बाद ट्रेन में नहीं होगी मोबाइल चार्जिंग, पावर बैंक फटने के बाद रेलवे सख्त


जाेधपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। ट्रेन में रात के समय मोबाइल या पावर बैंक चार्ज करने के दौरान हादसों का खतरा रोकने के लिए रेलवे ने सुरक्षा नियमों की पालना सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अब रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक सभी कोचों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखना अनिवार्य होगा।

रेलवे बोर्ड के विशेष कार्य अधिकारी (विद्युत इंजीनियरिंग-सामान्य) शोभित गुप्ता ने इस संबंध में सभी क्षेत्रीय रेलों के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों को पत्र जारी किया है। इसमें निर्धारित अवधि में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पूर्व में जारी निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड के अनुसार दक्षिण पूर्व रेलवे में हाल ही में एक घटना सामने आई, जिसमें निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए गए थे। इसी दौरान चार्जिंग पर लगा यात्री का पावर बैंक धुएं के साथ फट गया। इस घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है। रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को निर्देश देने के साथ परामर्श और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने को कहा है। अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण कर यह जांचने के निर्देश दिए गए हैं कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जा रहे हैं या नहीं।

इधर उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। रेलवे की इस व्यवस्था का उद्देश्य चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अत्यधिक गर्म होने,खराबी और आग जैसी घटनाओं का जोखिम कम करना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि मोबाइल या पावर बैंक में असामान्य गर्मी,धुआं अथवा खराबी नजर आने पर तुरंत ट्रेन स्टाफ को सूचित करें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

768210 Articles

Share this story